INDIA Alliance March : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के मार्च के बाद दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने राजधानी के प्रमुख स्थानों पर ‘शिव की बारात’ लिखे होर्डिंग्स लगाए हैं। संगठन का कहना है कि इस पहल के जरिए लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े सवालों को जनता के सामने रखा जा रहा है।
मार्च में भागीदारी के बाद आंदोलन का संदेश फैलाने की कोशिश
युवा कांग्रेस के मुताबिक, INDIA गठबंधन के मार्च में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने चुनावी संस्थाओं की जवाबदेही को लेकर विपक्ष के विरोध को मजबूती दी है। संगठन अब होर्डिंग्स के माध्यम से इस आंदोलन के संदेश को सड़कों से आगे बढ़ाकर राजधानी के प्रमुख इलाकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों को चर्चा के केंद्र में बनाए रखना है।
उदय भानु चिब ने लोकतांत्रिक मूल्यों का किया जिक्र
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि मार्च में लोगों की व्यापक भागीदारी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति नागरिकों और विपक्षी दलों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनके अनुसार, संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है। उन्होंने ‘शिव की बारात’ के होर्डिंग्स को आंदोलन का संदेश अधिक लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बताया।
अक्षय लाकड़ा बोले, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा
दिल्ली युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन निर्वाचन आयोग के कामकाज और उसकी विश्वसनीयता से संबंधित मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा। युवा कांग्रेस का कहना है कि चुनावी संस्थाओं की स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर चर्चा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
दिल्ली के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग्स
युवा कांग्रेस की ओर से लगाए गए होर्डिंग्स में ‘शिव की बारात’ के संदेश को प्रमुखता दी गई है। ये होर्डिंग्स AICC कार्यालय, 24 अकबर रोड, इंदिरा भवन और भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय के बाहर लगाए गए हैं। संगठन का दावा है कि इस अभियान के जरिए आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही का मुद्दा जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने ‘शिव की बारात’ को लेकर क्या कहा था?
10 अक्टूबर को इंदिरा भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने आंदोलन की प्रकृति को समझाने के लिए ‘तांडव’ और ‘शिव की बारात’ का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि इस आंदोलन के लिए कोई निश्चित योजना जरूरी नहीं है और इसमें शामिल होने के इच्छुक सभी लोगों का स्वागत है। राहुल के मुताबिक, यह ऐसा जनआंदोलन है जिसमें अलग-अलग लोग अपनी इच्छा से शामिल हो सकते हैं।
चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सियासी बहस तेज
युवा कांग्रेस ने दोहराया है कि लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी संस्थाओं की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है। संगठन ने कहा कि जवाबदेही की मांग को लोकतांत्रिक तरीकों और जनभागीदारी के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। ‘शिव की बारात’ के होर्डिंग्स के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष का अभियान आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ता है।