West Bengal Border News: पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 1024.75 एकड़ भूमि औपचारिक रूप से सौंप दी है। यह भूमि भारत-बांग्लादेश की 172.6 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़बंदी (फेंसिंग) के लिए उपयोग की जाएगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह हस्तांतरण राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और घुसपैठ जैसी समस्याओं पर रोक लगाने की सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इस पहल से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा और अधिक मजबूत होगा, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

विभिन्न जिलों में जमीन का आवंटन
सीमा पर बाड़ लगाने की इस प्रक्रिया में राज्य के नौ जिलों को शामिल किया गया है। सबसे अधिक 337 एकड़ भूमि मुर्शीदाबाद जिले में हस्तांतरित की गई है, जहां बांग्लादेश के साथ 45.4 किलोमीटर की सीमा साझा होती है। इसी तरह, उत्तर 24 परगना के लिए 241.03 एकड़ और कूच बिहार के लिए 135.33 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इसके अतिरिक्त मालदा में 176.78 एकड़, नदिया में 95.11 एकड़, दक्षिण दिनाजपुर में 26.41 एकड़, दार्जिलिंग में 4.31 एकड़, उत्तर दिनाजपुर में 6.61 एकड़ और जलपाईगुड़ी में 2.17 एकड़ जमीन BSF को सौंपी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक बाधाओं को हटाकर इस कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा।

पहली कैबिनेट बैठक में लिया गया था ऐतिहासिक निर्णय
सीमा सुरक्षा को लेकर यह निर्णय सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही लिया गया था। कैबिनेट ने निर्देश दिया था कि सीमा बाड़बंदी के लिए लंबित सभी भूमि हस्तांतरणों को 45 दिनों की सख्त समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस निर्णय का उद्देश्य प्रशासनिक लेटलतीफी को खत्म कर निर्माण कार्य में गति लाना था। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ कुल 2,217 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें से अधिकांश हिस्से में बाड़बंदी पहले ही हो चुकी है, लेकिन शेष हिस्सों में जमीन की अनुपलब्धता के कारण काम काफी लंबे समय से अटका हुआ था।
घुसपैठ रोकने और अवैध प्रवासन पर लगाम लगाने का प्रयास
यह कदम इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय से सीमा पर बाड़बंदी में देरी को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं। पूर्व में केंद्र सरकार ने राज्य की तत्कालीन सरकार पर आरोप लगाया था कि वह BSF को बाड़ लगाने के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है, जिससे घुसपैठ, तस्करी और अवैध प्रवासन जैसी गंभीर समस्याओं को रोकने में बाधा आ रही थी। अब इस बड़े भूमि हस्तांतरण के बाद BSF उन संवेदनशील इलाकों में तेजी से निर्माण कार्य शुरू कर सकेगी, जहां पहले काम बाधित था। साथ ही, राज्य सरकार ने विदेशी नागरिकों की पहचान करने और होल्डिंग सेंटर स्थापित करने के अभियान को भी गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप तेज कर दिया है। इससे न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।
Read More : FIFA World Cup 2026: फाइनल में पहुंचते ही स्पेन ने कैसे मनाया ऐतिहासिक जश्न, वीडियो हुआ वायरल












