Shubhendu Adhikari : पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि राज्य में लगभग 1 करोड़ अवैध मतदाता हैं। उनका कहना है कि इनमें रोहिंग्या, बांग्लादेशी मुस्लिम, मृत मतदाता, दो जगह मतदाता और फर्जी मतदाता शामिल हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि इन अवैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएं और राज्य में एक गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की जाए।

बीजेपी नेता ने की SIR प्रक्रिया की मांग
शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से वोटर लिस्ट को साफ किया जा सकता है, जिससे केवल वैध मतदाताओं के नाम दर्ज हों। अधिकारी ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर 50 मृत मतदाता और 50 ऐसे लोग मिलेंगे जिनके नाम दो जगह रजिस्टर हैं। इसके अलावा, हर बूथ पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या मतदाता भी पाए जाएंगे।

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू
पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में 294 विधानसभा सीटें हैं, और राजनीतिक दल चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं। पिछले चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सत्ता में वापसी की थी, जबकि बीजेपी केवल 77 सीटों के साथ विपक्ष में रही थी। इस बार ममता बनर्जी अपनी सरकार बनाए रखने के लिए संघर्ष करेंगी, वहीं बीजेपी सत्ता हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।
ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच सत्ता संघर्ष का सामना
पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ममता बनर्जी, जो राज्य में लगातार सत्ता में रही हैं, अब बीजेपी की चुनौती का सामना करेंगी। बीजेपी अपनी ताकत बढ़ाकर राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं, ममता अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाकर जनता से समर्थन जुटाने की तैयारी कर रही हैं।
चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट की पुनरीक्षण की अपील
शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से अपील की है कि वह राज्य में वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण करें और उसमें से सभी अवैध मतदाताओं को हटा दें। उनका आरोप है कि फर्जी और अवैध मतदाताओं के कारण चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हो सकती है। चुनाव आयोग का यह कदम राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अहम होगा।
राजनीतिक हलचल और भविष्य के चुनावों का असर
विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में इस प्रकार के आरोप और मांगें राजनीतिक माहौल को गरमा सकती हैं। शुभेंदु अधिकारी की इन मांगों से यह साफ हो रहा है कि आने वाले चुनावों में बीजेपी पूरे जोर-शोर से अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए तैयार है। साथ ही, ममता बनर्जी की सरकार के लिए यह चुनौती होगी कि वे अपने कार्यकाल के दौरान उठाए गए कदमों को लेकर जनता का विश्वास बनाए रखें।
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