Ram Mandir Politics : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित किए गए चंदे में कथित धांधली के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल को आड़े हाथों लेते हुए तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। इस प्रकरण ने धार्मिक आस्था और राजनीतिक शुचिता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है, जिससे जनमानस में भी रोष की लहर है।

कपिल सिब्बल का तीखा हमला: ‘फर्जी हिंदू’ का दिया नारा
राज्यसभा सांसद और प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस मामले पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें ‘फर्जी हिंदू’ की संज्ञा दी। सिब्बल ने आरोप लगाया कि ये संगठन भगवान राम के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करते हैं, लेकिन जब चढ़ावे की बात आती है, तो वे उसी पवित्र धन में लूटपाट करने से भी पीछे नहीं हटते। सिब्बल के इस बयान ने भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों के लिए एक नई असहज स्थिति पैदा कर दी है।

एसआईटी (SIT) की सक्रियता और कानूनी कार्यवाही
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसआईटी ने तेजी दिखाते हुए 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद 25 जून को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। अब तक इस घोटाले में संलिप्त दान पेटी गिनने की प्रक्रिया से जुड़े आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की विशेष टीम लगातार सबूत जुटाने में लगी है ताकि इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश किया जा सके।
पुलिस छापेमारी: लाखों की नकदी, सोना और चांदी बरामद
अयोध्या पुलिस ने बुधवार को मामले में एक नया और बड़ा तलाशी अभियान छेड़ा। जांच के दौरान पुलिस ने एक क्यूआर कोड लगी दान पेटी और बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति बरामद की है। इसमें भारी मात्रा में नकद राशि, सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के और विदेशी मुद्रा शामिल हैं। जांच के दायरे में आरोपी लवकुश मिश्रा का आवास भी आया, जहां उसके पिता बच्चू लाल मिश्रा से पुलिस ने घंटों पूछताछ की। अब तक की बरामदगी में अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख, करुणेश पांडे से 18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख, रमाशंकर मिश्र से 7.32 लाख और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू से एक लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं, जो मामले की भयावहता को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी का सख्त रुख: बख्शा नहीं जाएगा कोई दोषी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि राम मंदिर जैसे पवित्र कार्य में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार अक्षम्य है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि एसआईटी की जांच पारदर्शी तरीके से जारी रहेगी और जो भी व्यक्ति इस घोटाले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून की सबसे सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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