Sonam Wangchuk News : पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना एक पुराना वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने लद्दाख के तत्कालीन प्रशासन की ओर से उन्हें कथित तौर पर हाउस अरेस्ट किए जाने की घटना का जिक्र किया है। वीडियो के साथ लिखे कैप्शन में वांगचुक ने युवाओं को एक खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक बार जेल जरूर जाना चाहिए, लेकिन किसी अपराध के लिए नहीं, बल्कि किसी उद्देश्य और अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए।

पीस बॉन्ड पर पत्रकारों के सवाल का दिया जवाब
सोनम वांगचुक ने अपने पोस्ट में बताया कि हाल ही में दिल्ली और मुंबई के दौरे के दौरान कई पत्रकारों ने उनसे एक सवाल पूछा था। पत्रकारों ने जानना चाहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीस बॉन्ड यानी शांति बनाए रखने संबंधी बांड पर हस्ताक्षर करने को लेकर उनकी क्या राय है। उनसे यह भी पूछा गया कि यदि प्रशासन की ओर से उन पर ऐसा करने का दबाव बनाया जाए तो क्या वह इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे? वांगचुक ने अपने पुराने अनुभव का हवाला देते हुए इस सवाल का जवाब दिया।

चार साल पहले भी ऐसी स्थिति का सामना करने का किया दावा
वांगचुक ने बताया कि करीब चार साल पहले भी वह इसी तरह की परिस्थितियों से गुजर चुके हैं। उस समय उन्होंने लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत संरक्षण देने के चुनावी वादे से पीछे हटने के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया था। उनका कहना है कि लद्दाख को विशेष संवैधानिक सुरक्षा देने की मांग को लेकर आवाज उठाने के दौरान तत्कालीन प्रशासन ने उन्हें अघोषित रूप से नजरबंद कर दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय उन्हें लंबे समय तक जेल में रखने की धमकी दी गई थी।
तत्कालीन उपराज्यपाल को भेजा था वीडियो संदेश
पर्यावरण कार्यकर्ता ने अपने पोस्ट में उस पुराने घटनाक्रम से जुड़ी एक और जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने अपने पॉडकास्ट के माध्यम से तत्कालीन उपराज्यपाल को एक वीडियो संदेश भेजा था। अब उन्होंने उसी वीडियो को दोबारा सोशल मीडिया पर साझा किया है। वांगचुक के मुताबिक, उस दौरान एक अधिकारी उनके पास पीस बॉन्ड से संबंधित दस्तावेज लेकर आया था। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इसके बाद वह अधिकारी दोबारा उनके पास नहीं लौटा। इस घटना को याद करते हुए उन्होंने अपने पुराने अनुभव और वर्तमान में पत्रकारों की ओर से पूछे गए सवालों को जोड़कर अपनी बात रखी।
युवाओं को सोनम वांगचुक की खास सलाह
अपने वीडियो संदेश के आखिर में सोनम वांगचुक ने युवाओं को एक महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक बार जेल जरूर जाना चाहिए, लेकिन किसी अपराध या गलत काम के कारण नहीं, बल्कि किसी उद्देश्य और अधिकार के लिए। उनके इस बयान का आशय अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने से है। उन्होंने अपने संदेश में यह विचार सामने रखा कि समाज और देश के लिए किसी सार्थक उद्देश्य को लेकर संघर्ष करना भी महत्वपूर्ण है।

छठी अनुसूची और लद्दाख के अधिकारों का मुद्दा फिर चर्चा में
सोनम वांगचुक की इस पोस्ट के बाद लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत संरक्षण देने की मांग और उनके पुराने आंदोलन का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। उनका बयान ऐसे समय सामने आया है, जब उन्होंने दिल्ली और मुंबई में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से जुड़े सवालों का सामना किया। फिलहाल उनके ताजा पोस्ट में पुरानी घटना का जिक्र और युवाओं को दिया गया संदेश राजनीतिक तथा सामाजिक चर्चा का विषय बन सकता है।
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