Sonam Wangchuk Meeting: NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शन का आज 32वां दिन है और छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर डटे हुए हैं। आंदोलन में शामिल छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

सरकार से बातचीत पर आंदोलनकारियों का नया रुख
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अब प्रदर्शनकारी सरकार के पास बातचीत के लिए नहीं जाएंगे। उनका कहना है कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है, तो उसे खुद जंतर-मंतर आकर छात्रों से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य केवल छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान कराना है।

सरकार की ओर से बातचीत की पहल
इसी बीच केंद्र सरकार की ओर से समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस मुलाकात को मौजूदा गतिरोध को कम करने और संवाद की शुरुआत के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से इस मुलाकात को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात
जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक फिलहाल गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मिलने के पश्चात आगे के उपचार के लिए मेदांता अस्पताल लाया गया था। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। इस मुलाकात को सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच संवाद स्थापित करने की संभावित शुरुआत माना जा रहा है।
भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वे NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी रखी है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सड़क से संसद तक तेज हुई राजनीतिक बहस
NEET पेपर लीक का मुद्दा अब केवल जंतर-मंतर तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद और राजनीतिक मंचों पर भी प्रमुख चर्चा का विषय बन चुका है। विपक्ष लगातार सरकार से इस मामले पर विस्तृत बहस की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना है कि वह संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और मामले में आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है। इसके बावजूद विपक्ष सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए है।
विपक्ष और सरकार आमने-सामने
जंतर-मंतर पर कई विपक्षी दलों के नेताओं ने पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर सरकार की नीतियों की आलोचना की। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी होने तक उनका समर्थन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि वह पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद और राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।











