Sonam Wangchuk : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद के बीच शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित 2 अक्टूबर के प्रदर्शन को समर्थन दिया है। CJP ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही की मांग को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। वांगचुक ने कहा कि देश में जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का समर्थन किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे वांगचुक
हालांकि सोनम वांगचुक ने CJP के प्रदर्शन का समर्थन किया है, लेकिन उन्होंने साफ किया कि वह 2 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे। उनका कहना है कि किसी आंदोलन को समर्थन देने के लिए हर बार उसमें शारीरिक रूप से मौजूद रहना जरूरी नहीं है। उन्होंने आंदोलन से जुड़े लोगों के प्रयासों को आगे बढ़ते देखकर संतोष भी जताया और कहा कि इस मुद्दे पर अब कई लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं।
जवाबदेही बढ़ाने की कोशिशों के साथ होने की बात कही
वांगचुक ने अपने समर्थन को लेकर कहा कि देश में जवाबदेही बढ़ाने के लिए जो भी प्रयास किए जा रहे हैं, वह उनके साथ हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आंदोलनों की सफलता केवल किसी एक व्यक्ति की मौजूदगी पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, यदि कोई मुद्दा व्यापक स्तर पर लोगों को जोड़ रहा है और लोग अपने स्तर पर उसके लिए आवाज उठा रहे हैं, तो व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता कम हो सकती है।
CJP ने 2 अक्टूबर से आंदोलन का किया ऐलान
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े अपने विरोध अभियान को आगे बढ़ाने के लिए 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। रिपोर्टों के अनुसार, संगठन ने CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर पहले समयसीमा दी थी। समयसीमा समाप्त होने के बाद CJP ने देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की बात कही है। मुंबई के आजाद मैदान को प्रस्तावित प्रदर्शन के संभावित स्थल के तौर पर बताया गया है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर उठे सवाल
वांगचुक का समर्थन ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर बहस चल रही है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर रिकॉर्ड में आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में इन आपत्तियों को मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और चुनावी डेटा से जुड़े मुद्दों से जोड़ा गया।
चुनाव आयोग ने सभी फैसलों पर दी अलग सफाई
दूसरी ओर, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा कि SIR समेत आयोग के सभी फैसलों को तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी। आयोग की ओर से यह भी कहा गया कि SIR से जुड़े मामलों में मतदाताओं को नोटिस मिलने की स्थिति में उनकी सहायता के लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। इस तरह एक ओर आंतरिक आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई, वहीं आयोग ने निर्णय प्रक्रिया में सर्वसम्मति होने की बात कही।
SIR विवाद में बढ़ी राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा
SIR को लेकर सामने आई रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक दलों और नागरिक समूहों की ओर से सवाल उठाए गए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों को आंतरिक विचार-विमर्श का हिस्सा बताते हुए कहा कि अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। इस बीच CJP ने अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है और अब 2 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन पर नजर बनी हुई है।
वांगचुक ने आंदोलन को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने की बात कही
सोनम वांगचुक ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि उनका समर्थन आंदोलन को मजबूत करने के उद्देश्य से है, न कि हर कार्यक्रम में व्यक्तिगत भागीदारी के लिए। उन्होंने कहा कि अब इस मुद्दे को लेकर कई लोग सामने आ रहे हैं और वह इसे सकारात्मक रूप से देखते हैं। फिलहाल 2 अक्टूबर के प्रदर्शन में वांगचुक की प्रत्यक्ष मौजूदगी नहीं होगी, जबकि CJP अपने घोषित कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
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