South America earthquake : साउथ अमेरिका में रविवार को भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र ड्रेक पैसेज का समुद्री इलाका बताया गया है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.0 मापी गई, जिसे बेहद खतरनाक श्रेणी में रखा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 8.0 की तीव्रता वाला भूकंप सामान्य झटकों से कहीं अधिक घातक होता है। इस स्तर पर इमारतें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे ताश के पत्तों की तरह ढह सकते हैं। इतना ही नहीं, कई बार इस तीव्रता के झटकों के बाद सुनामी का खतरा भी बढ़ जाता है।
अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, इस भूकंप की गहराई 10.8 किलोमीटर रही। कम गहराई पर आने वाले झटके ज़्यादा असरदार और विनाशकारी माने जाते हैं। यही वजह है कि वैज्ञानिक लगातार इसके प्रभाव का अध्ययन कर रहे हैं। ड्रेक पैसेज एक चौड़ा समुद्री रास्ता है, जो दक्षिण-पूर्वी प्रशांत महासागर और दक्षिण-पश्चिमी अटलांटिक महासागर को जोड़ता है। यह क्षेत्र समुद्री गतिविधियों और प्राकृतिक घटनाओं की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में यहां आए भूकंप का असर दूर-दराज के हिस्सों तक पहुंच सकता है।
साउथ अमेरिका पहले भी इस तरह के तेज भूकंप झेल चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले पेरू में भी 8.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे व्यापक नुकसान हुआ था। उस वक्त कई इमारतें ढह गई थीं और सैकड़ों लोगों की जान पर बन आई थी। इतिहास गवाह है कि अमेरिका में सबसे ज्यादा 8.0 से 9.0 तीव्रता वाले भूकंप अलास्का में दर्ज किए गए हैं। इन भूकंपों के बाद आई सुनामी ने तबाही मचा दी थी। समुद्र तटीय इलाकों में हजारों घर तबाह हुए और परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं।
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तीव्रता के झटके के बाद सुनामी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले झटके) भी लंबे समय तक जारी रह सकते हैं, जो लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों के लिए बड़ी चुनौती हैं। इतने बड़े भूकंप का असर केवल जमीन पर ही नहीं बल्कि हवाई सेवाओं और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों पर भी पड़ सकता है। संचार व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और परिवहन नेटवर्क प्रभावित होने का खतरा है। पुलों और इमारतों की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो जाते हैं।
भूकंप विज्ञानियों का कहना है कि साउथ अमेरिका भूकंपीय दृष्टि से बेहद सक्रिय क्षेत्र है। यहां टेक्टोनिक प्लेट्स की गतिविधियां अक्सर बड़े झटकों का कारण बनती हैं। ड्रेक पैसेज में आए इस 8.0 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर वैज्ञानिकों और सरकारों को आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर सोचने पर मजबूर कर दिया है। स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां अब राहत और बचाव कार्यों पर फोकस कर रही हैं। तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं ताकि किसी भी संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
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