Spain Crisis : स्पेन और मोरक्को की सीमा पर स्थित छोटे से शहर स्यूटा में प्रवासी संकट ने गंभीर रूप ले लिया है। बेहतर भविष्य और आर्थिक अवसरों की तलाश में हजारों लोग अवैध तरीके से स्पेन में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोग समुद्र के रास्ते तैरकर पहुंचे, जबकि कुछ ने सीमा की सुरक्षा बाड़ को पार करने का प्रयास किया। अचानक बढ़ी इस भीड़ के कारण पूरा इलाका तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया और हालात किसी संघर्ष क्षेत्र जैसे नजर आने लगे। इस घटना में कम से कम 18 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
समुद्र और सीमा रास्तों से हजारों लोगों ने की घुसपैठ की कोशिश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तरी मोरक्को से स्यूटा में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। इनमें अधिकतर युवा पुरुष शामिल थे, लेकिन कई महिलाएं और छोटे बच्चों वाले परिवार भी इस जोखिम भरे सफर का हिस्सा बने। कुछ लोग समुद्र के रास्ते स्पेन पहुंचे, जबकि कुछ ने सीमा की बाड़ को पार करने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में लोगों को समुद्र तट और सड़कों पर भागते हुए देखा गया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा।
स्पेन सरकार ने सुरक्षा के लिए सेना भेजने का लिया फैसला
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्पेन सरकार ने स्यूटा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का फैसला किया है। सरकार ने सिविल गार्ड की मदद के लिए सेना की तैनाती की घोषणा की। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने भी गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांदे-मार्लास्का के साथ स्यूटा जाने की योजना बनाई। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता सीमा पर नियंत्रण स्थापित करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सीमा व्यवस्था पूरी तरह चरमराने का दावा
स्यूटा सीमा पर तैनात सिविल गार्ड अधिकारियों के संगठन के प्रमुख राशिद स्बीही ने स्थिति को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि हालात पूरी तरह अराजक हो चुके हैं और हजारों लोग सीमा पार करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ पहुंचने से सीमा व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा है। सुरक्षा बलों के लिए भीड़ को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती बन गया है।
मानवाधिकार संगठनों ने बताया असाधारण घटनाक्रम
उत्तरी मोरक्को के मानवाधिकार संगठन से जुड़े अशरफ मैमूनी ने इस स्थिति को असामान्य बताया। उन्होंने कहा कि तराजाल सीमा क्षेत्र में अचानक बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए और प्रवेश की स्थिति बन गई। सामने आए वीडियो में मोरक्को के नागरिकों की बड़ी भीड़ समुद्र तट से निकलकर सड़कों की ओर बढ़ती दिखाई दी। कुछ लोगों को “वीवा एस्पान्या” यानी “स्पेन जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए भी देखा गया। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग अचानक सीमा की ओर क्यों बढ़े।
इटली ने भी जताई चिंता, शेंगेन समझौते पर चेतावनी
इस प्रवासी संकट का असर यूरोप के अन्य देशों पर भी दिखाई देने लगा है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति गंभीर होती है तो वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए खुले सीमा समझौते शेंगेन पर पुनर्विचार कर सकती हैं। हालांकि इटली की स्पेन के साथ सीधी सीमा नहीं लगती, लेकिन यूरोप में प्रवासन का मुद्दा लगातार राजनीतिक चिंता का विषय बना हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर भी उठे सवाल
स्यूटा प्रशासन ने पहले इस बढ़ती भीड़ के लिए स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को जिम्मेदार ठहराया था। इस फैसले में कहा गया था कि समुद्री रास्ते से आने वाले प्रवासियों को बिना कानूनी प्रक्रिया के तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता। हालांकि यह नियम जमीन के रास्ते अवैध प्रवेश करने वालों पर लागू नहीं होता। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस फैसले को लेकर गलत जानकारी फैलने के कारण भी लोगों में भ्रम पैदा हुआ हो सकता है।
यूरोप पहुंचने के लिए स्यूटा बनता जा रहा प्रमुख रास्ता
अफ्रीका और यूरोप के बीच स्थित होने के कारण स्यूटा लंबे समय से प्रवासियों के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार बना हुआ है। बेहतर आर्थिक अवसरों और अपने देशों में हिंसा या अस्थिरता से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग मोरक्को के रास्ते स्पेन पहुंचने की कोशिश करते हैं। कई लोग मोरक्को के फनिदेक शहर से करीब पांच किलोमीटर तैरकर स्यूटा पहुंचने का प्रयास करते हैं, जबकि कुछ लोग बेल्यूनेश क्षेत्र से भी सीमा पार करने की कोशिश करते हैं।
2021 के बड़े प्रवासी संकट की याद दिला रही घटना
मौजूदा हालात ने मई 2021 के उस बड़े सीमा संकट की याद दिला दी है, जब सिर्फ दो दिनों में आठ हजार से ज्यादा लोग स्यूटा पहुंच गए थे। उस समय भी स्पेन और मोरक्को के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर यूरोप के सामने अवैध प्रवासन, सीमा सुरक्षा और मानवीय संकट जैसी बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। प्रशासन अब स्थिति को नियंत्रित करने और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
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