Startup India conference : भारत में स्टार्टअप संस्कृति को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से आयोजित हो रहे स्टार्टअप इंडिया सम्मेलन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगा और देश के युवा उद्यमियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। अमित शाह ने कहा, “इस सम्मेलन का उद्देश्य न केवल नवाचार को बढ़ावा देना है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति को गति देना भी है। इसका विषय – ‘नवाचार, उन्नति, गति बढ़ाना’ (Innovation, Advancement, Accelerating Growth) – इस सोच को प्रतिबिंबित करता है।”

पहले सम्मेलन की रही उल्लेखनीय सफलता
इससे पहले हुए सम्मेलन में 250 से अधिक स्टार्टअप और यूनिकॉर्न कंपनियों ने भाग लिया था। उस आयोजन को नीति निर्माताओं, निवेशकों और इनोवेटर्स से भरपूर समर्थन मिला था। अब सरकार को उम्मीद है कि इस वर्ष का सम्मेलन और भी व्यापक और प्रभावशाली होगा।इस आयोजन का उद्देश्य न केवल बिजनेस नेटवर्किंग को बढ़ावा देना है, बल्कि स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच भी प्रदान करना है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और मार्केट तक पहुंच बना सकें।

इस साल 7 सत्रों में होगी गहन चर्चा
इस वर्ष के सम्मेलन में कुल 7 विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें भारत के आर्थिक और तकनीकी विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इन सत्रों में स्टार्टअप नीति, निवेश के अवसर, डिजिटल इंडिया, ग्रीन टेक्नोलॉजी, महिला उद्यमिता, AI और भविष्य की तकनीक जैसे विषय शामिल हैं।हर सत्र में उद्योग जगत के विशेषज्ञ, नीति निर्माता, सफल स्टार्टअप संस्थापक और वेंचर कैपिटलिस्ट्स अपने अनुभव साझा करेंगे। इसका उद्देश्य है कि स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत आधार मिले और नई पीढ़ी के उद्यमियों को स्पष्ट दिशा मिल सके।
वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत करने की पहल
अमित शाह ने जोर देकर कहा कि यह सम्मेलन भारत को न केवल वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को भी साकार करने में सहायक है। उन्होंने कहा, “युवा भारत की ऊर्जा, नवाचार की शक्ति और नीति समर्थन का मेल ही देश को अगली क्रांति की ओर ले जाएगा।”
स्टार्टअप इंडिया सम्मेलन का यह संस्करण नवाचार और विकास को नए स्तर पर पहुंचाने का प्रयास है। केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि भारत आने वाले वर्षों में स्टार्टअप हब बने और विश्व की प्रमुख टेक्नोलॉजी और उद्यमशीलता शक्तियों में शामिल हो।अमित शाह का यह बयान स्टार्टअप समुदाय के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें हर जरूरी समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।











