Surajpur Court Escape: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब चोरी के अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार दो आरोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गए। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए पुलिस सुरक्षा में न्यायालय लाया गया था। जैसे ही पुलिस वाहन कोर्ट परिसर पहुंचा और उन्हें वाहन से नीचे उतारा जाने लगा, दोनों आरोपियों ने मौके का फायदा उठाया और पुलिस को चकमा देकर अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले। घटना के बाद पूरे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया और पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई।

चोरी के मामलों में गिरफ्तार थे दोनों आरोपी
पुलिस के अनुसार, फरार हुए दोनों आरोपी झिलमिली थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और उन्हें चोरी के अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था। नियमानुसार दोनों को न्यायिक रिमांड के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया जाना था। पुलिस उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत कोर्ट लेकर पहुंची थी, लेकिन वाहन से उतरते ही दोनों आरोपियों ने अचानक भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गए।पुलिसकर्मियों ने तत्काल उनका पीछा किया, लेकिन दोनों अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले, जिससे उन्हें पकड़ने में शुरुआती मुश्किलें सामने आईं।

नाकेबंदी कर शुरू किया गया सघन तलाशी अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचना दी गई और जिलेभर में अलर्ट जारी कर प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाने के लिए रवाना की गईं।इसके अलावा जिले की सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ा दी गई, ताकि फरार आरोपी जिले से बाहर न निकल सके। पुलिस लगातार स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
एक आरोपी दोबारा गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी
पुलिस की त्वरित कार्रवाई का असर जल्द ही देखने को मिला। कुछ ही समय बाद फरार हुए दोनों आरोपियों में से एक को पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया। हालांकि दूसरा आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि फरार हुए दोनों आरोपियों में से एक को पुनः हिरासत में ले लिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लापरवाही के पहलू की भी होगी जांच
घटना के बाद पुलिस विभाग ने केवल फरार आरोपी की तलाश ही नहीं, बल्कि पूरी घटना की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह भी देखा जाएगा कि आरोपियों के भागने में सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक या लापरवाही तो नहीं हुई।यदि जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने पहले से भागने की योजना बनाई थी या मौके का फायदा उठाकर अचानक फरार हुए।
वरिष्ठ अधिकारी लगातार कर रहे निगरानी
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस बल को कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात किया गया है। पुलिस टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, जबकि तकनीकी माध्यमों से भी फरार आरोपी की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता है और जल्द ही उसे भी हिरासत में ले लिया जाएगा।
कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। न्यायिक पेशी के दौरान पुलिस हिरासत से आरोपियों का फरार होना सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर चिंता पैदा करता है। अब पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
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