Surajpur Hospital : छत्तीसगढ़ के Surajpur District Hospital में एक गंभीर और दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां डिलीवरी से पहले एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया और परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मामला इतना बढ़ गया कि परिजनों ने CMHO कार्यालय के बाहर हंगामा भी किया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

परिवार का आरोप: इंजेक्शन के बाद बिगड़ी महिला की हालत
मृतका के पति सूरज मानिकपुरी ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी पूजा मानिकपुरी (19) को बिना पूरी जानकारी दिए एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनका कहना है कि इंजेक्शन लगाने के कुछ ही देर बाद महिला की हालत गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई। परिवार का दावा है कि यह इंजेक्शन एंटीबायोटिक बताया गया था, लेकिन इसके बाद स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी। परिजनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल का पक्ष: उल्टी और सांस नली में फंसने से मौत
अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर गरिमा सिंह ने मामले पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि महिला पहले से ही ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित थी, जिसके कारण गर्भ में पल रहे बच्चे तक सही तरीके से रक्त संचार नहीं हो पा रहा था। इसी वजह से ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी और उससे पहले जरूरी इंजेक्शन दिया गया था। डॉक्टर के अनुसार इंजेक्शन के बाद महिला को उल्टी हुई और उल्टी सांस नली में चले जाने से उसकी हालत बिगड़ गई, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कभी-कभी ऐसी जटिलताएं हो सकती हैं, लेकिन स्थिति को संभाला नहीं जा सका।
सुबह भर्ती, दोपहर तक दोनों की मौत
जानकारी के अनुसार, रामनगर गांव की रहने वाली पूजा मानिकपुरी को मंगलवार सुबह करीब 9 बजे प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उसी दिन डिलीवरी का समय तय किया था और ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी गई थी। लेकिन कुछ ही घंटों में स्थिति अचानक बिगड़ गई और दोपहर तक मां और बच्चे दोनों की मौत हो गई। इस घटना ने परिवार और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया।
परिजनों का हंगामा और प्रशासनिक जांच की शुरुआत
घटना के बाद परिजनों ने CMHO कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। बढ़ते विवाद को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने पोस्टमार्टम और जांच के लिए अलग-अलग चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच जारी है।











