Surajpur Tiger Poaching
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से वन्यजीव अपराध का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वन विभाग ने एक नर बाघ के अवैध शिकार और उसके अंगों की तस्करी के आरोप में एक महिला सरपंच सहित कुल सात लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस घटना ने न केवल वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की संलिप्तता ने भी प्रशासन को हैरान कर दिया है। शुक्रवार को वन अधिकारियों ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
इस पूरी तफ्तीश की शुरुआत 15 दिसंबर 2025 को हुई, जब सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र के अंतर्गत भैंसामुंडा गांव के पास घने जंगल में एक व्यस्क नर बाघ का शव बरामद किया गया। शव की स्थिति को देख वन अधिकारी दंग रह गए क्योंकि बाघ के शरीर से कई महत्वपूर्ण अंग गायब थे। प्रथम दृष्टया यह मामला अवैध शिकार और तस्करी का लग रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने विशेषज्ञों की एक टीम गठित की और बाघ के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिससे मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
जांच को वैज्ञानिक और सटीक बनाने के लिए वन विभाग ने एक प्रशिक्षित खोजी कुत्ते (स्निफर डॉग) की मदद ली। तलाशी अभियान के दौरान खोजी कुत्ता सुराग ढूँढते हुए सीधे गांव की महिला सरपंच सिस्का कुजूर के घर जा पहुँचा। इस अहम सुराग के आधार पर जांच अधिकारियों ने बुधवार को सरपंच के घर की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर से बाघ के दो नाखून, बालों का गुच्छा और मांस के कुछ टुकड़े बरामद हुए। इसके अलावा, शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले बिजली के तार और जीआई तार भी मिले, जिससे यह साफ हो गया कि शिकार में सरपंच के परिवार की सीधी भूमिका थी।
सरपंच सिस्का कुजूर से मिली जानकारी के आधार पर अगले दिन विभाग ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर छह अन्य आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए लोगों में सरपंच के पति दिनेश कुजूर, ईश्वर कुजूर, अभिषेक रोशन बड़ा, मिथिलेश सिंह, रामनाथ सिंह और भोला प्रसाद शामिल हैं। इनमें से चार आरोपी भैंसामुंडा गांव के ही निवासी हैं, जबकि अन्य आरोपी कैलाशपुर और बर्तिकाला गांव के रहने वाले हैं। इन सभी के पास से बाघ के दांत, नाखून, रस्सियों का फंदा और लकड़ी के खूंटे जैसे आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए हैं।
वन विभाग की पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने किसी अन्य जंगली जानवर का शिकार करने के उद्देश्य से जंगल में बिजली का अवैध जाल बिछाया था। आरोपियों ने जीआई तारों का उपयोग कर हाई-वोल्टेज करंट प्रवाहित किया था। दुर्भाग्यवश, क्षेत्र में विचरण कर रहा नर बाघ इस करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से और लालच के चलते बाघ के कीमती अंगों को निकाल लिया और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।
अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बरामद किए गए अंगों और उपकरणों को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है। सूरजपुर वन मंडल ने इस घटना के बाद क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और स्थानीय ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक रहने की चेतावनी दी है। विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या ये आरोपी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़े हुए हैं।
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