Surguja News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां आंगनबाड़ी केंद्र गए दो छोटे बच्चे पास ही में बने पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूब गए। स्थानीय ग्रामीणों ने त्वरित सूझबूझ और बहादुरी दिखाते हुए दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक एक मासूम बच्ची की जान जा चुकी थी और दूसरे बच्चे की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। यह पूरी दुर्घटना लुंड्रा थाना क्षेत्र की है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
खेलने के दौरान प्री मैट्रिक छात्रावास भवन के पास बने पानी से भरे गड्ढे में गिरे बच्चे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लुंड्रा के आंगनबाड़ी केंद्र में गुरुवार को सेमरापरा के बच्चे पढ़ने के लिए गए हुए थे। इसी दौरान आंगनबाड़ी के दो बच्चे, जिनमें जया विश्वकर्मा (उम्र 5 वर्ष) और रितिक (उम्र 6 वर्ष) शामिल हैं, खेलते-खेलते आंगनबाड़ी केंद्र से लगभग 50 मीटर दूर चले गए। वहां पर प्री मैट्रिक छात्रावास भवन का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके पास एक बड़ा गड्ढा पानी से भरा हुआ था। खेलते-खेलते दोनों बच्चे इसी पानी से भरे खतरनाक गड्ढे में जा गिरे।
बच्चों के शोर मचाने पर पहुंचे मजदूर
जब कुछ दूरी पर खेल रहे अन्य बच्चों ने जया और रितिक को पानी में डूबते हुए देखा, तो उन्होंने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों की आवाज सुनकर निर्माणाधीन हॉस्टल बिल्डिंग में काम कर रहे मजदूर तुरंत मौके पर दौड़े और दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला। बाहर निकाले जाने तक दोनों बच्चे पूरी तरह से अहोश हो चुके थे। उन्हें तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर जांच के बाद जया विश्वकर्मा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे घायल बच्चे रितिक की स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
लुंड्रा थाना प्रभारी ने की पुष्टि
इस पूरी घटना के संबंध में लुंड्रा थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित परिवार के सदस्यों द्वारा थाने में आधिकारिक बयान दर्ज करा दिया गया है। परिजनों ने अपने बयान में पुष्टि की है कि दोनों बच्चे सुबह आंगनबाड़ी गए थे, और वहीं से खेलते हुए पास के खतरनाक गड्ढे के पास चले गए, जहां डूबने से यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई थी।
अधिकारी जेआर प्रधान ने लुंड्रा पहुंचकर की मामले की जांच
घटना की गंभीर सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी जेआर प्रधान तुरंत लुंड्रा पहुंचे और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। शुरुआती जांच में सामने आया कि लुंड्रा आंगनबाड़ी केंद्र में एक बैठक आयोजित होनी थी, जिसके कारण बच्चों की छुट्टी सामान्य समय से थोड़ी जल्दी कर दी गई थी। अधिकारी जेआर प्रधान ने बताया कि आंगनबाड़ी सहायिका ने दोनों बच्चों के साथ मृतका की बड़ी बहन और एक अन्य बच्ची को सुरक्षित घर तक छोड़ा था, जिसके बाद ये बच्चे वापस आंगनबाड़ी लौट आए थे। बच्चों को वापस छोड़ने जाने का सीसीटीवी फुटेज भी अधिकारियों को प्राप्त हुआ है।
अधिकारी जेआर प्रधान ने आगे स्पष्ट किया कि इस मामले में प्रथम दृष्टया आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका की किसी भी प्रकार की सीधी लापरवाही नहीं पाई गई है। घटना से पहले सहायिका ने बच्चों के मोहल्ले में स्थित डेढ़ साल के बच्चे की मां रीतू नाम की महिला को रेडी टू ईट सामग्री भी पहुंचाई थी और वहां उसका फोटो भी लिया था। हालांकि, प्रशासन इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रहा है कि निर्माणधीन क्षेत्र के पास खुला गड्ढा क्यों छोड़ा गया था।