Wood Smuggling : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में साल की बेशकीमती लकड़ी की तस्करी का मामला सामने आया है। लुंड्रा वन परिक्षेत्र के रीरीगढ़ पहाड़ के जंगलों से रात के अंधेरे में साल के चिरान-पटरा का अवैध परिवहन किया जा रहा था। हालांकि, ग्राम पसेना के ग्रामीणों की सतर्कता के कारण तस्करी की कोशिश नाकाम हो गई। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर पिकअप वाहन और उसमें लदे चार नग साल चिरान को जब्त कर लिया है।
रात 10 बजे संदिग्ध पिकअप को ग्रामीणों ने रोका
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10 बजे एक पिकअप वाहन रीरीगढ़ पहाड़ की ओर से साल की लकड़ी लेकर आ रहा था। वाहन में चार नग साल चिरान-पटरा लोड थे और उसमें दो लोग सवार थे। जब पिकअप ग्राम पसेना पहुंचा, तो ग्रामीणों को उसमें लकड़ी के अवैध परिवहन का संदेह हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने वाहन को रोक लिया और उसमें सवार लोगों से पूछताछ शुरू कर दी।
चाबी निकालकर अंधेरे में जंगल की ओर भागे आरोपी
ग्रामीणों द्वारा रोके जाने के बाद पिकअप में सवार दोनों लोगों ने खुद को घिरता हुआ महसूस किया। वे वाहन की चाबी निकालकर रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए पैदल ही जंगल की ओर भाग निकले। इस दौरान ग्रामीणों ने भागते हुए लोगों का वीडियो भी बना लिया। घटना के बाद क्षेत्र में लकड़ी तस्करी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पिता-पुत्र पर तस्करी में शामिल होने का आरोप
स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि फरार हुए दोनों व्यक्ति पिता-पुत्र हैं और लंबे समय से इलाके में लकड़ी तस्करी में सक्रिय बताए जाते हैं। आरोप है कि रीरीगढ़, लुंड्रा और आसपास के जंगलों से साल की लकड़ी काटकर रात के समय शहर की ओर ले जाई जाती है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और दोनों संदिग्धों की पहचान की पुष्टि होना अभी बाकी है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा वन विभाग
घटना की जानकारी ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। बताया गया कि विभाग को इससे पहले मुखबिर के माध्यम से भी रीरीगढ़ पहाड़ से पिकअप में साल चिरान के अवैध परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वन अमला मौके पर पहुंचा और पिकअप वाहन सहित चार नग साल चिरान को अपने कब्जे में ले लिया। अब वाहन के माध्यम से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
वाहन नंबर के आधार पर मालिक की तलाश
एसडीओएफ कुणाल मिश्रा (आईएफएस) ने बताया कि पिकअप वाहन छोड़कर आरोपी फरार हो गए हैं। वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगाया जा रहा है। मामले में वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान लकड़ी के स्रोत और अवैध परिवहन में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
जंगलों की सुरक्षा के लिए बढ़ाई गई निगरानी
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में अवैध कटाई और लकड़ी के परिवहन पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। रात के समय गश्त भी तेज की जा रही है, ताकि जंगलों से कीमती लकड़ी की अवैध निकासी पर अंकुश लगाया जा सके।
साल के जंगलों में तस्करी रोकना वन विभाग के लिए चुनौती
गौरतलब है कि लुंड्रा वन परिक्षेत्र साल के घने जंगलों के लिए जाना जाता है। क्षेत्र में लंबे समय से कीमती लकड़ी की तस्करी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में ग्रामीणों की सतर्कता से पिकअप और लकड़ी की जब्ती को महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस मामले में कौन-कौन शामिल है और लकड़ी कहां ले जाई जा रही थी।
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