Surguja News
Surguja News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ एक परिवार को अपने प्रियजन की मृत्यु के बाद न केवल सड़क के अभाव का दंश झेलना पड़ा, बल्कि पोस्टमॉर्टम के लिए और फिर अंतिम संस्कार के लिए शव को खाट पर लादकर मीलों पैदल चलना पड़ा। यह घटना विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच ग्रामीण भारत की उस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है, जहाँ आज भी बुनियादी सुविधाएँ एक सपना बनी हुई हैं।
मामला सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत भारतपुर का है। यहाँ के लकरालता टोला निवासी 45 वर्षीय सुरेन्द्र तिर्की 29 दिसंबर से लापता थे। परिजनों की काफी खोजबीन के बाद 31 दिसंबर को उनका शव गांव के ही पास स्थित ‘चीनी पानी’ तालाब में तैरता हुआ मिला। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र मछली पकड़ने के लिए तालाब की ओर गए थे, जहाँ पैर फिसलने के कारण वे गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मृत्यु हो गई।
ग्रामीणों ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने पंचनामा तो कर लिया, लेकिन असली चुनौती शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल ले जाने की थी। भारतपुर पंचायत तक तो पक्की सड़क है, लेकिन पहाड़ी पर बसे लकरालता टोला तक पहुँचने के लिए कोई रास्ता नहीं है। यहाँ केवल वन विभाग की एक कच्ची पगडंडी है, जिस पर नाले के ऊपर पुलिया तक नहीं बनी है। बड़े वाहनों का यहाँ पहुँचना नामुमकिन है। परिणामस्वरूप, ग्रामीणों ने बांस और खाट का सहारा लिया और शव को कंधे पर लादकर 5 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया।
विडंबना यह रही कि यह परेशानी केवल एक तरफ की नहीं थी। अस्पताल में पोस्टमॉर्टम होने के बाद जब शव को वापस गाँव ले जाने की बारी आई, तब भी स्थिति वैसी ही थी। मुख्य सड़क तक तो एम्बुलेंस आई, लेकिन वहां से गाँव तक के कठिन रास्तों पर फिर से ग्रामीणों को खाट का सहारा लेना पड़ा। इस हृदयविदारक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे देख लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि यह “चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था” के दावों की पोल खोलता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि लोग एम्बुलेंस के अभाव में अपनों के शव चारपाई पर ले जाने को मजबूर हैं, जो विकास के खोखलेपन को दर्शाता है। यह जनता की पीड़ा है जिसे सरकार अनदेखा कर रही है।
मामला तूल पकड़ने के बाद सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लकरालता टोला तक सड़क निर्माण की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है और इसका भूमिपूजन भी संपन्न हो चुका है। विधायक के अनुसार, बारिश के मौसम के कारण निर्माण कार्य में बाधा आई थी, लेकिन जनवरी महीने से सड़क का काम दोबारा युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के सभी पहुँचविहीन गाँवों को मुख्यधारा से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है।
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