Surguja NH-43: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले खस्ताहाल नेशनल हाईवे 43 पर बुधवार शाम को एक बड़ी घटना सामने आई। यहाँ भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की इनोवा कार सड़क पर बने खतरनाक और गहरे गड्ढों में अचानक फंस गई। सड़क की हालत इतनी ज्यादा खराब थी कि गाड़ी को गड्ढे से बाहर निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी और लगभग दो घंटे का लंबा समय लग गया। इस घटना के बाद से ही पूरे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है क्योंकि सत्ताधारी दल के वरिष्ठ पदाधिकारी की गाड़ी खुद प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलती नजर आई।
प्रभारी मंत्री, कैबिनेट मंत्री सहित जिले के भाजपा नेताओं को फटकार
अंबिकापुर पहुँचने के तुरंत बाद भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय का गुस्सा फूटा और उन्होंने प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ पार्टी के अन्य बड़े नेताओं को भी जमकर आड़े हाथों लिया। अगली सुबह जब पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया उनसे मिलने पहुँचे, तब भी उन्होंने सड़कों की बदहाली को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त की। संगठन महामंत्री ने यहाँ तक कह दिया कि यदि सभी नेता खुद को सड़कों के ठेकेदार समझने लगे हैं, तो वे श्रमदान करके इन गड्ढों को क्यों नहीं भरवाते?
सूरजपुर और कोरिया बैठक के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सूरजपुर और कोरिया जिलों में आयोजित महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होने के लिए बुधवार की शाम को जशपुर से अंबिकापुर की तरफ आ रहे थे। इसी यात्रा के दौरान जब उनकी गाड़ी नेशनल हाईवे 43 पर स्थित सीतापुर शहर के बीच से गुजर रही थी, तभी वह सड़क के एक बड़े गड्ढे में जा घुसी और बुरी तरह से अटक गई। गाड़ी के पूरी तरह से फंस जाने और तत्काल निकलने में असमर्थ होने के कारण उन्हें कुछ समय के लिए सीतापुर के विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) में ले जाया गया था।
मैकेनिक की मदद से दो घंटे में बाहर निकली गाड़ी
पवन साय की गाड़ी को गड्ढे से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अंततः एक मैकेनिक को बुलाना पड़ा, जिसकी सहायता से लगभग दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद गाड़ी को गड्ढे से बाहर निकाला जा सका। इसके बाद वे रात करीब साढ़े नौ बजे अंबिकापुर पहुँच पाए। हालाँकि, अंबिकापुर पहुँचने के रास्ते में दरिमा मोड़ से लेकर भारत माता चौक तक का पूरा सफर उन्हें इसी अत्यंत खस्ताहाल और बदतर सड़क से होकर तय करना पड़ा था।
प्रभारी मंत्री और अधिकारियों को फोन पर लगाई फटकार
अंबिकापुर पहुँचने के साथ ही पवन साय ने तुरंत प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी को फोन मिलाया और उन्हें इस बदहाल स्थिति को लेकर खरी-खोटी सुनाई। मौके पर मौजूद कई अन्य भाजपा नेताओं ने बताया कि पवन साय ने गुस्से में यहाँ तक सवाल उठा दिया कि क्या जिम्मेदार अधिकारी और मंत्री कभी इस क्षेत्र में निरीक्षण के लिए भ्रमण करने आते भी हैं या नहीं? उन्होंने नेशनल हाईवे के तमाम जिम्मेदार अधिकारियों को भी अपनी इस लापरवाही के लिए कड़ी फटकार लगाई।
फटकार का असर: नेशनल हाईवे पर तुरंत शुरू हुई मरम्मत
भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री की इस कड़ी फटकार और नाराजगी का असर प्रशासनिक स्तर पर तुरंत देखने को मिला। फटकार मिलने के तुरंत बाद ही नेशनल हाईवे के गड्ढों को भरने और सड़क की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया। भारत माता चौक से लेकर दरिमा रोड मोड़ तक सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों को भरने के लिए बोल्डर और गिट्टी गिराने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही सीतापुर क्षेत्र में भी सड़क के गड्ढों को दुरुस्त करने का कार्य तेज कर दिया गया है ताकि आम जनता और यात्रियों को आगे परेशानियों का सामना न करना पड़े।
कई किलोमीटर तक सड़क की हालत बेहद जर्जर
स्थानीय लोगों और रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल हाईवे 43 पर अंबिकापुर के खरसिया नाका से लेकर दरिमा रोड तक की सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है और अपना अस्तित्व खो चुकी है। इसके अलावा सीतापुर इलाके में भी सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं जो आए दिन दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। साथ ही पीजी कॉलेज से सिलफिली तक का मार्ग भी पूरी तरह से टूट चुका है और सड़क के कई हिस्से यातायात के लिहाज से बेहद खतरनाक हो गए हैं।