Suryakumar Yadav: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने टी20 विश्व कप 2026 के बाद कप्तानी से हटाए जाने और टीम से बाहर किए जाने के फैसले पर पहली बार खुलकर बात की है। सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत ने 8 मार्च 2026 को टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। टूर्नामेंट में टीम के शानदार प्रदर्शन के बावजूद बाद में चयनकर्ताओं ने खराब फॉर्म का हवाला देते हुए उन्हें टीम से बाहर कर दिया और श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कप्तानी सौंप दी।
जुलाई 2024 में मिली थी टी20 टीम की कमान
सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने कई द्विपक्षीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया और लंबे समय तक अजेय अभियान जारी रखा। उनकी कप्तानी में भारत ने 2025 एशिया कप के अलावा 2026 टी20 विश्व कप भी अपने नाम किया। इन उपलब्धियों के बावजूद उनके करियर को लेकर चयनकर्ताओं ने अलग फैसला लिया।
टीम में नाम नहीं देखकर मुस्कुराए सूर्या
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान सूर्यकुमार यादव ने उस दौर को याद किया, जब उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि जब उन्हें पता चला कि उनका नाम टीम में नहीं है, तो उन्होंने मुस्कुराने की कोशिश की। मैच के दौरान दबाव की परिस्थितियों में भी उन्होंने खुद को शांत रखने का प्रयास किया। सूर्या ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके साथ ऐसा फैसला होगा।
‘मैंने कोई रिएक्ट नहीं किया, क्योंकि मेरी गलती नहीं थी’
सूर्यकुमार ने कहा कि टीम से बाहर किए जाने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने कोई बड़ा रिएक्शन नहीं दिया। उनके मुताबिक उन्हें लगा कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी। उन्होंने परिस्थितियों को स्वीकार करने की कोशिश की और चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान किया। सूर्या ने कहा कि मुश्किल फैसला होने के बावजूद उन्होंने इसे टीम के हित में लिया गया निर्णय माना।
चयनकर्ताओं से कही वापसी की बात
सूर्यकुमार यादव ने बताया कि उन्होंने चयनकर्ताओं से साफ कहा कि अगर उन्हें लगता है कि टीम के भविष्य के लिए यह फैसला जरूरी है, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि वह क्रिकेट खेलते रहेंगे और जब चयनकर्ताओं को लगेगा कि उनकी जरूरत है, तब वह भारतीय टीम में वापसी के लिए तैयार रहेंगे।
करीब डेढ़ महीने तक घर पर सोचते रहे सूर्या
सूर्यकुमार ने खुलासा किया कि टीम से बाहर होने के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक घर पर रहे और लगातार इस फैसले के बारे में सोचते रहे। उनके मन में यह सवाल था कि ऐसा अचानक कैसे हो गया। उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि वह 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक और अगले टी20 विश्व कप तक भारतीय टीम की कप्तानी कर सकते हैं।
चयन से तीन दिन पहले हुई थी बातचीत
सूर्यकुमार के मुताबिक टीम चयन से करीब तीन दिन पहले बीसीसीआई की चयन समिति ने उनसे फोन पर बातचीत की थी। उन्हें बताया गया कि इंग्लैंड सीरीज के लिए उनका चयन नहीं किया जाएगा। चयनकर्ताओं ने उन्हें संकेत दिया कि अब टीम के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नई टीम तैयार करने का समय है। इस बातचीत के बाद सूर्यकुमार को टीम से बाहर किए जाने की जानकारी स्पष्ट हो गई थी।
भारत के सफल टी20 कप्तानों में शामिल सूर्या
सूर्यकुमार यादव का कप्तानी रिकॉर्ड भारतीय टी20 क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली रिकॉर्ड में गिना जाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उनकी कप्तानी में भारत ने 52 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले, जिनमें टीम को 42 मैचों में जीत मिली और 8 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान भारत का जीत प्रतिशत 80.76 रहा।
घरेलू क्रिकेट से वापसी का भरोसा
कप्तानी और टीम से बाहर किए जाने के बावजूद सूर्यकुमार यादव ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। उन्होंने मिले अवसरों के लिए आभार जताया और संकेत दिया कि वह घरेलू क्रिकेट के जरिए खुद को दोबारा साबित करने की कोशिश करेंगे। उनका लक्ष्य अपनी फिटनेस और फॉर्म पर काम करते हुए भारतीय टीम में वापसी का मजबूत दावा पेश करना है।
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