Syria ceasefire : इजरायल की एयरफोर्स द्वारा किए गए ताबड़तोड़ हमलों से सीरिया की स्थिति डगमगा गई है। सीरिया की राजधानी दमिश्क समेत स्वेदा क्षेत्र में इजरायली रक्षा बल (IDF) ने अब तक 160 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। स्वेदा में जारी हिंसक झड़पों के बाद, सीरियाई सरकार ने वहां सीजफायर की घोषणा की है। आधिकारिक समाचार एजेंसी के अनुसार, सेना की介शामिलत के बाद क्षेत्र में हालात शांत हो रहे हैं।
स्वेदा शहर, जो ड्रूज समुदाय बहुल क्षेत्र है, वहां ड्रूज और बैदोइन समुदायों के बीच पिछले चार दिनों से हिंसक झड़पें चल रही थीं। इन झड़पों में अब तक लगभग 300 ड्रूज नागरिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीरियाई सुरक्षा बलों ने भी ड्रूजों पर हमले किए, जिससे स्थिति और भड़क गई। इस हिंसा की प्रतिक्रिया में इजरायल ने दमिश्क और अन्य सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमले किए।
IDF ने जानकारी दी कि सोमवार से अब तक सीरिया के 160 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं, जिनमें स्वेदा में स्थित अधिकांश ठिकाने शामिल हैं। इजरायली सेना ने दमिश्क में स्थित जनरल स्टाफ कमांड भवन और राष्ट्रपति भवन के पास स्थित एक अन्य सैन्य ठिकाने को भी निशाना बनाया। ये हमले विशेष रूप से उन स्थानों पर किए गए जहां से स्वेदा में सेना भेजने का आदेश जारी हुआ था।
सीरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी के अनुसार, ड्रूज समुदाय के वरिष्ठ नेता शेख यूसुफ जार्बू ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से युद्धविराम की शर्तों को सार्वजनिक किया। उन्होंने बताया कि स्वेदा में सड़क सुरक्षा राज्य बल संभालेंगे, राज्य संस्थाएं पुनः कार्य शुरू करेंगी और क्षेत्र में हुए कानून उल्लंघनों की जांच के लिए संयुक्त समिति गठित की जाएगी। साथ ही, संघर्ष के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जाएगा।
हालांकि सीजफायर की घोषणा के बाद भी स्वेदा के आधिकारिक ड्रूज पेज पर एक कड़ा बयान जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया कि ड्रूज समुदाय सरकारी आतंकवादी गुटों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगा और समझौते का कोई समर्थन नहीं करेगा। ड्रूज शेख हिकमत अल हिजरी ने भी इस समझौते का विरोध करते हुए कहा है कि उनका समुदाय अपनी भूमि की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा।
इजरायल के हमलों से सीरियाई सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कई सैन्य वाहन और टैंक तबाह कर दिए गए हैं। झड़पों को नियंत्रित करने के लिए स्वेदा में सेना की भारी तैनाती की गई है। सूत्रों के अनुसार, इजरायल ने स्वेदा में सेना भेजने के आदेश देने वाले मुख्यालयों और नियंत्रण केंद्रों को भी निशाना बनाया है।
इजरायल के विदेश मंत्री इज़राइल कैट्ज ने चेतावनी दी है कि सीरियाई शासन को स्वेदा में ड्रूज समुदाय को स्वतंत्र रूप से रहने देना होगा। उन्होंने कहा, “हमने सीरिया को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि यदि उसने ड्रूज समुदाय पर हमला जारी रखा, तो IDF जवाबी कार्रवाई को और तेज कर देगा। हम ड्रूज को अकेला नहीं छोड़ेंगे और जरूरत पड़ी तो शासन बलों पर दबाव और बढ़ाया जाएगा।”
हालांकि सीरियाई सरकार स्वेदा में हालात को सामान्य बताने की कोशिश कर रही है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि इजरायली हमले थमे नहीं हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। IDF ने स्पष्ट किया है कि जब तक सीरियाई बल स्वेदा से पूरी तरह वापस नहीं जाते, तब तक हमले जारी रहेंगे।
इजरायली हमलों ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। सीरिया के आंतरिक संघर्षों के बीच इजरायल का हस्तक्षेप गंभीर संकेत देता है। स्वेदा में भले ही सीजफायर घोषित कर दिया गया हो, लेकिन स्थायी शांति की राह अभी लंबी और मुश्किल दिख रही है। ड्रूज समुदाय और सीरियाई शासन के बीच की खाई और इजरायल की सैन्य रणनीति आने वाले दिनों में क्षेत्रीय हालात को और अस्थिर कर सकती है.
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