Tamil Nadu School Breakfast : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को स्कूली छात्रों के लिए नाश्ता योजना के विस्तारित स्वरूप की शुरुआत की। चेन्नई के तिरुवन्मियूर स्थित एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों को स्वयं नाश्ता परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया। इसके बाद उन्होंने स्कूल की कक्षाओं का दौरा किया और विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
15,454 स्कूलों के छात्रों को मिलेगा फायदा
सरकार की ओर से योजना के विस्तार के बाद कक्षा 6 से 8 तक पढ़ने वाले करीब 15.30 लाख अतिरिक्त छात्रों को इसका लाभ मिलने की जानकारी दी गई है। यह विस्तार सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू किया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक कुल 15,454 स्कूल इस विस्तार के दायरे में हैं। इसका उद्देश्य छोटे बच्चों तक सीमित नाश्ता सुविधा को मिडिल स्कूल स्तर के विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।
पहले कक्षा 1 से 5 तक थी सुविधा
नाश्ता योजना की शुरुआत पहले प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के लिए की गई थी। अब इसके दायरे में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया है। सरकार के अनुसार स्कूल पहुंचने से पहले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें भूख से राहत देना और पढ़ाई के दौरान एकाग्रता बनाए रखने में मदद करना है। योजना के विस्तार को इसी व्यापक पोषण और शिक्षा संबंधी उद्देश्य से जोड़ा गया है।
योजना का बदला गया नाम
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री नाश्ता योजना का नाम बदलकर ‘पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट योजना’ किया गया है। यह नाम पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के सम्मान में रखा गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कामराज ने तमिलनाडु में स्कूली शिक्षा के विस्तार और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। योजना का नया नाम इसी विरासत से जोड़ा गया है।
आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों पर फोकस
योजना के विस्तार से खास तौर पर ऐसे परिवारों के बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके लिए नियमित पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। स्कूल में सुबह का भोजन मिलने से बच्चों को दिन की शुरुआत भोजन के साथ करने का अवसर मिलेगा। सरकार की ओर से योजना का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर करना और उन्हें बिना भूख के पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करना बताया गया है।
अतिरिक्त बजट से लागू होगा विस्तार
योजना के विस्तार के लिए तमिलनाडु सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में 217.63 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। इसके साथ योजना के लिए कुल आवंटन 724 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अधिकारियों को विस्तारित योजना के सुचारू संचालन, भोजन की गुणवत्ता और स्कूलों में आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश
योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए समाज कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, स्थानीय निकायों और स्कूल प्रशासन के बीच समन्वय पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था के साथ स्वच्छता तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विस्तारित योजना को राज्य के स्कूलों तक व्यवस्थित तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को दी गई है।
कुछ जिलों में फिलहाल लागू नहीं
विस्तारित योजना का राज्यभर में क्रियान्वयन किया गया है, हालांकि उपचुनावों के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने वाले चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों में इसे फिलहाल अलग रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार इन जिलों में आचार संहिता समाप्त होने के बाद योजना के विस्तार को लेकर आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
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