Tanvi Patri Silver Medal : भारत की 15 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पत्री को डकार में आयोजित यूथ ओलंपिक गेम्स के फाइनल में करीबी मुकाबले के बाद हार का सामना करना पड़ा। ओडिशा की इस युवा शटलर ने चीन की झांग यी शिन के खिलाफ शानदार खेल दिखाया, लेकिन निर्णायक गेम में जीत हासिल नहीं कर सकीं। झांग ने तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 15-21, 21-13, 26-24 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। तन्वी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
यूथ ओलंपिक बैडमिंटन फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला
हार के बावजूद तन्वी ने इतिहास रच दिया। वह यूथ ओलंपिक गेम्स के बैडमिंटन फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। मौजूदा जूनियर विश्व चैंपियन झांग यी शिन के सामने उनका प्रदर्शन भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मुकाबले में तन्वी ने पहला गेम जीतकर शानदार शुरुआत की, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने दूसरे गेम में वापसी कर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

पहले गेम में तन्वी ने दिखाया दमदार खेल
मुकाबले की शुरुआत में झांग यी शिन ने 5-3 की बढ़त बनाई, लेकिन तन्वी ने लगातार अंक हासिल कर खेल का रुख बदल दिया। भारतीय खिलाड़ी ने अपनी मजबूत रक्षात्मक क्षमता और आक्रामक शॉट्स के दम पर दबाव बनाया। इंटरवल तक तन्वी 11-5 से आगे थीं। इसके बाद झांग ने वापसी की कोशिश की, लेकिन तन्वी ने अपनी लय बरकरार रखी। अंत में उन्होंने 21-15 से पहला गेम जीत लिया।

दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ी ने की शानदार वापसी
दूसरे गेम में भी तन्वी ने अच्छी शुरुआत की और शुरुआती चार अंक हासिल कर 4-0 की बढ़त बना ली। हालांकि, झांग ने धीरे-धीरे मुकाबले पर पकड़ बनानी शुरू कर दी। उन्होंने कोर्ट के कोनों में शॉट लगाकर तन्वी को लगातार दौड़ने पर मजबूर किया। चीनी खिलाड़ी ने स्कोर 10-10 से बराबर किया। इंटरवल पर तन्वी 11-10 से आगे थीं, लेकिन इसके बाद झांग ने लगातार अंक जुटाए और 21-13 से गेम जीतकर मुकाबला बराबर कर दिया।
निर्णायक गेम में तन्वी ने बचाए पांच मैच पॉइंट
तीसरा गेम दोनों खिलाड़ियों के धैर्य और मानसिक मजबूती की परीक्षा बन गया। इंटरवल तक झांग 11-7 से आगे थीं और बाद में उन्होंने स्कोर 19-10 कर दिया। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला जल्द समाप्त हो जाएगा, लेकिन तन्वी ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार अंक हासिल किए और झांग के पांच मैच पॉइंट बचाकर मुकाबले में वापसी की।

तीन गोल्ड मेडल पॉइंट भी नहीं भुना सकीं तन्वी
तन्वी की शानदार वापसी के बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। भारतीय खिलाड़ी ने लगातार दबाव बनाते हुए अपने लिए तीन मैच पॉइंट हासिल किए, लेकिन वह किसी को भी जीत में नहीं बदल सकीं। झांग ने धैर्य बनाए रखा और आखिरकार निर्णायक गेम 26-24 से जीत लिया। इस तरह तन्वी का ऐतिहासिक गोल्ड जीतने का सपना अधूरा रह गया और उन्हें रजत पदक मिला।
ग्रुप स्टेज से ही शानदार रही तन्वी की यात्रा
फाइनल तक पहुंचने से पहले तन्वी ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने मेक्सिको की सारा गोंजालेज को 21-8, 21-12 से हराया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की स्मृति अडेपु के खिलाफ 21-4, 21-12 से जीत दर्ज की। फिर दक्षिण कोरिया की जियोंग यू जांग को हराकर नॉकआउट दौर में जगह बनाई। डकार में उनका यह अभियान भारतीय बैडमिंटन के लिए यादगार उपलब्धि बन गया।

