Tej Pratap Yadav : बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ तब आया जब राजद (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल (JJD) के टिकट पर 2025 के विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की। तेजप्रताप, जो अभी हसनपुर से विधायक हैं, अब महुआ सीट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने खुद इस बात की पुष्टि की और साथ ही चुनाव आयोग से जनशक्ति जनता दल को मान्यता मिलने के बाद इसकी विधिवत घोषणा भी कर दी।

तेजप्रताप यादव अब JJD से चुनावी मैदान में
तेजप्रताप यादव ने सोमवार को चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचकर करीब 30 मिनट तक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात की। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, तेजप्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल को अपने नाम पर रजिस्टर करा लिया है। अब वे इस पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

जनशक्ति जनता दल की स्थापना वर्ष 2024 में तेजप्रताप के करीबी बालेंद्र दास ने की थी। उन्होंने लोकसभा चुनाव में पार्टी को लॉन्च किया और चुनाव चिन्ह बांसुरी रखा गया। उस समय पार्टी के अध्यक्ष बालेंद्र दास और राष्ट्रीय महासचिव प्रशांत प्रताप थे।
महुआ सीट से लड़ेंगे तेजप्रताप
तेजप्रताप ने कुछ हफ्ते पहले ही घोषणा की थी कि वे अब हसनपुर नहीं, बल्कि महुआ से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने 26 जुलाई को खुद को निर्दलीय उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि वे जनशक्ति जनता दल के उम्मीदवार होंगे। महुआ सीट से वर्तमान में RJD के विधायक मुकेश कुमार हैं, जिन्होंने 2020 में जेडीयू की आशमा परवीन को 13,687 वोटों से हराया था। तेजप्रताप खुद 2015 में महुआ से ही विधायक बने थे, लेकिन 2020 में उन्होंने सीट बदलते हुए हसनपुर से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
तेजप्रताप ने साधा विपक्ष पर निशाना
तेजप्रताप यादव ने मीडिया से बात करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा: “जो लोग हमारे फैसले से परेशान हैं, उन्हें खुजली हो रही है। वे गाल खुजलाते रहें, हम मैदान में डटे रहेंगे।” उन्होंने आगे कहा: “टीम तेजप्रताप एक प्लेटफॉर्म है, जो युवाओं को आगे लाने का काम करेगा। जो युवा शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य की बात करेगा, वही सरकार बनाएगा।” तेजप्रताप का यह बयान स्पष्ट करता है कि वे युवाओं को केंद्र में रखकर चुनावी रणनीति बना रहे हैं और जनशक्ति जनता दल को युवा नेतृत्व और नीतियों की पार्टी के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं।

तेजप्रताप की नई राजनीतिक रणनीति
जनशक्ति जनता दल अब तेजप्रताप यादव की अगुवाई में तेजी से सक्रिय हो रहा है। पार्टी को आधिकारिक मान्यता मिलने के बाद, इसका राजनीतिक सफर औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। बांसुरी चुनाव चिन्ह वाली यह पार्टी अब आने वाले बिहार विधानसभा चुनावों में आरजेडी के लिए भी एक चुनौती बन सकती है, खासकर तेजप्रताप के प्रभाव वाले क्षेत्रों में। तेजप्रताप के इस फैसले से यह भी संकेत मिल रहे हैं कि उनका अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव और RJD नेतृत्व से राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राजनीति में नए समीकरण
तेजप्रताप का यह कदम बिहार की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है। RJD, JDU और BJP जैसी बड़ी पार्टियों के लिए यह एक चुनौती है कि तेजप्रताप किस हद तक युवा मतदाताओं और अपने समर्थकों को लामबंद कर पाते हैं। महुआ सीट पर अब मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है क्योंकि यहां RJD पहले से ही मजबूत स्थिति में है, और तेजप्रताप भी पूर्व विधायक रह चुके हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि RJD तेजप्रताप के खिलाफ उम्मीदवार उतारती है या नहीं।
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