Telangana CM Controversy : तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को एक ऐसा बयान दे दिया है जिसके बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम रेवंत रेड्डी ने राज्य के इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स की नौकरी पाने की योग्यता और उनकी व्यावहारिक काबिलियत पर गहरी चिंता जताई। हालांकि, इस दौरान अपनी बात रखते हुए उन्होंने ‘क्रिमिनल वेस्ट’ जैसे कड़े और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया, जिसके बाद विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है। उनके इस बयान के सामने आने के बाद तेलंगाना में विपक्षी पार्टियों, विशेषकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोला है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर राज्य के युवाओं और छात्र समुदाय की बेइज्जती की है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

‘कई ग्रेजुएट नौकरी का आवेदन फॉर्म तक नहीं भर पाते’
हैदराबाद के एक कार्यक्रम में विस्तार से अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा और कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) किसी भी राज्य के विकास के लिए उसकी दो आंखों की तरह बेहद महत्वपूर्ण हैं। राज्य में हर साल पास होने वाले छात्रों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि तेलंगाना में प्रत्येक वर्ष लगभग 1.10 लाख इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अपनी डिग्री पूरी करके बाहर निकलते हैं।

लेकिन दुखद स्थिति यह है कि उनमें से अधिकांश युवा नौकरी के लिए आने वाले आवेदन फॉर्म को भी ठीक ढंग से भरना नहीं जानते हैं। सीएम ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस बात का खुद परीक्षण करके देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास डिग्रियां तो बड़ी-बड़ी हैं, लेकिन वास्तविक जीवन में काम आने वाली व्यावहारिक समझ और कौशल की भारी कमी बनी हुई है।
सीएम रेवंत रेड्डी के किस शब्द पर खड़ा हुआ विवाद?
सभा को संबोधित करते हुए सीएम रेवंत रेड्डी ने अपने भाषण के दौरान कड़े शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि हर साल 1.10 लाख युवा इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर निकलते हैं, लेकिन जब उन्हें नौकरी का फॉर्म भरने को कहा जाता है तो स्थिति साफ हो जाती है। शिक्षकों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, ‘अपने गांव के उन बच्चों को बुलाइए और उन्हें एक सादा कागज देकर नौकरी का आवेदन भरने को कहिए।’
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह पूरी तरह ‘क्रिमिनल वेस्ट’ है, क्योंकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद युवा कोई छोटा-मोटा काम करना नहीं चाहते और न ही वे नए कौशल सीखना पसंद करते हैं। इसके बावजूद माता-पिता लगातार उम्मीद लगाए रहते हैं कि उनके बेटे ने इंजीनियरिंग पूरी कर ली है तो उसे कोई बड़ी नौकरी मिल जानी चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, कई बार माता-पिता को जमीनी हकीकत का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं होता है, जिससे वे अपने बच्चों पर गलत दबाव बनाते हैं।
विपक्षी दलों ने सीएम के बयान को बनाया बड़ा राजनीतिक हथियार
मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान के बाद तेलंगाना के सियासी गलियारों में घमासान मच गया है। विपक्षी बीआरएस (BRS) और बीजेपी के नेताओं ने मुख्यमंत्री पर करारा हमला बोलते हुए कहा है कि यह राज्य के युवाओं का सीधा अपमान है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार रोजगार के नए अवसर पैदा करने में पूरी तरह विफल रही है, और अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षित युवाओं को ही कसूरवार ठहरा रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी बीते साल दिसंबर महीने में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एक अन्य बयान पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जब उन्होंने हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की संख्या को लेकर एक सवाल उठाया था। बहरहाल, मौजूदा ‘क्रिमिनल वेस्ट’ वाले बयान ने राज्य में एक नया राजनीतिक संग्राम छेड़ दिया है, और आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ सकता है।
Read more : Rahul Gandhi Gen Z Protest: राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- Gen Z को चुप नहीं करा सकते, FIR विवाद










