Tamil Nadu TET model
Tamil Nadu TET model: सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले ने देशभर के शिक्षा जगत में खलबली मचा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ा रहे सभी शिक्षकों के लिए अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। इस फैसले के बाद से उन लाखों शिक्षकों की रातों की नींद उड़ गई है जो वर्षों से बिना TET के अपनी सेवा दे रहे थे। अब उनकी नौकरी की सुरक्षा, वरिष्ठता और पदोन्नति (Promotion) पर तलवार लटक रही है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जहाँ इस पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की है, वहीं हरियाणा ने इसे लागू कर शिक्षकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
एक अनुमान के मुताबिक, इस फैसले से देशभर के लगभग 12 लाख शिक्षक सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के 23 अगस्त 2010 के नोटिफिकेशन के अनुसार, TET की अनिवार्यता नोटिफिकेशन जारी होने के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होनी चाहिए थी। संगठनों का कहना है कि जो शिक्षक 2010 से पहले से पढ़ा रहे हैं, उन्हें इस नियम से छूट मिलनी चाहिए क्योंकि उनकी नियुक्ति के समय यह अर्हता अस्तित्व में ही नहीं थी।
हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अक्षरशः लागू करते हुए वर्किंग टीचर्स के लिए स्टेट टीईटी (HTET) अनिवार्य कर दिया है और इसके लिए दो साल की समय सीमा तय की है। इस सख्ती के बीच अब ‘तमिलनाडु मॉडल’ एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। शिक्षक संगठनों का मानना है कि यदि केंद्र और अन्य राज्य तमिलनाडु की तर्ज पर बीच का रास्ता निकालें, तो अनुभवी शिक्षकों की नौकरी बचाई जा सकती है। तमिलनाडु सरकार ने प्रभावित शिक्षकों के लिए एक ‘विशेष व्यवस्था’ की है।
तमिलनाडु सरकार ने नॉन-TET शिक्षकों के लिए एक विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। तमिलनाडु मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह परीक्षा केवल उन शिक्षकों के लिए है जो 1 सितंबर 2025 से पहले से स्कूलों में कार्यरत हैं। इसमें फ्रेश उम्मीदवार भाग नहीं ले सकते, जिससे वर्किंग टीचर्स को एक सुरक्षित और विशिष्ट मंच मिलता है।
तमिलनाडु के इस स्पेशल TET मॉडल में कार्य अनुभव को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की रूपरेखा तैयार की गई है:
परीक्षा का आयोजन: यह विशेष परीक्षा 4 और 7 जुलाई को आयोजित की जाएगी।
पेपर का स्वरूप: सामान्य TET की तरह इसमें भी पेपर 1 और पेपर 2 होंगे, जो 150-150 अंकों के होंगे।
पासिंग मार्क्स में छूट: तमिलनाडु मॉडल में अंकों के निर्धारण को सरल बनाया गया है। जनरल कैंडिडेट्स के लिए 90 अंक (60%), ओबीसी और PwBD के लिए 75 अंक (50%) तथा एससी-एसटी उम्मीदवारों के लिए मात्र 60 अंक (40%) न्यूनतम पासिंग मार्क्स रखे गए हैं।
इस मॉडल को देशभर के शिक्षक इसलिए पसंद कर रहे हैं क्योंकि यह अनुभवी शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने का एक सम्मानजनक और सरल अवसर प्रदान करता है। अब देखना यह होगा कि क्या केंद्र सरकार इस मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने के लिए कोई दिशा-निर्देश जारी करती है।
Somwar Ke Upay : हिंदू धर्म में सोमवार का दिन देवों के देव महादेव को…
Aaj Ka Rashifal 4 May 2026 Rashifal: आज 4 मई 2026 दिन सोमवार है. कल…
US Iran Tension : वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता कूटनीतिक गतिरोध एक बार फिर…
Mukesh Khanna : टीवी जगत के दिग्गज अभिनेता और बच्चों के चहेते 'शक्तिमान' यानी मुकेश…
Nepal Politics : नेपाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है।…
UGC NET : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य बनाने…
This website uses cookies.