Thane gangrape case: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ सात युवकों ने पांच महीनों तक कथित रूप से यौन शोषण किया। आरोपियों में से एक से लड़की की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। दोस्ती जल्द ही प्यार में बदली, लेकिन इसी भरोसे का फायदा उठाकर युवकों ने उसकी जिंदगी को नरक बना दिया।

कैसे शुरू हुई ब्लैकमेलिंग
अप्रैल 2025 में पीड़िता की सोशल मीडिया पर एक युवक से बातचीत शुरू हुई। उसने भरोसे में लेकर उसके साथ संबंध बनाए और गुप्त रूप से आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद उसने यह वीडियो अपने छह अन्य दोस्तों के साथ शेयर कर दिया। सभी आरोपियों ने वीडियो का सहारा लेकर लड़की को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। धमकी दी गई कि अगर वह उनकी बात नहीं मानेगी तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।

पांच महीने तक चलता रहा यौन शोषण
ब्लैकमेलिंग का यह सिलसिला रुकने के बजाय और बढ़ता गया। पीड़िता को लगातार धमकाकर मुरबाड और भिवंडी इलाके में ले जाकर कई बार यौन शोषण किया गया। आरोपी पढ़े-लिखे और समाज के सामान्य परिवारों से संबंध रखते हैं, जिससे यह मामला और भी चौंकाने वाला हो गया।
वीडियो क्लिप से हुआ मामले का खुलासा
मामला तब सामने आया जब लड़की के परिवार ने सोशल मीडिया पर उसका अश्लील वीडियो और ऑडियो देखा। जब उन्होंने बेटी से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने टूटकर पूरी सच्चाई बता दी। इसके बाद पीड़िता के माता-पिता उसे लेकर महात्मा फुले पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
सातों आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में पेशी
शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कल्याण जिला और सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने सभी को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। जांच के दौरान सामने आया कि पीड़िता गर्भवती भी है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
POCSO एक्ट समेत कई धाराएं लागू
ठाणे पुलिस ने इस गंभीर अपराध में POCSO एक्ट, बलात्कार, आईटी एक्ट और ब्लैकमेलिंग की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस उपायुक्त अतुल ज़ेंडे के मार्गदर्शन में विशेष टीम इस केस की गहराई से जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पर बढ़ती दोस्तियां कब खतरनाक मोड़ ले लें, कहा नहीं जा सकता। ठाणे की यह घटना चेतावनी है कि अभिभावकों और युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सतर्क रहने की ज़रूरत है। साथ ही यह मामला न्याय प्रणाली से उम्मीद जगाता है कि पीड़िता को न्याय मिलेगा और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।










