छत्तीसगढ़

Religious Conversion India: सरगुजा के डांगबुड़ा में तीन सालों से चल रही अवैध प्रार्थना सभा पर प्रशासन ने लगाया रोक, 6 के खिलाफ कार्रवाई

Religious Conversion India: सरगुजा जिले के राजापुर क्षेत्र के ग्राम डांगबुड़ा में एक संस्था द्वारा पिछले तीन वर्षों से बिना अनुमति अवैध प्रार्थना सभा आयोजित करने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए इसे बंद करा दिया है। ग्रामीणों की शिकायत और विरोध के बाद स्थानीय प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए सभा के आयोजन पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है। इस मामले में छह लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है।

तीन साल से अवैध प्रार्थना सभा का आयोजन

डांगबुड़ा गांव में ‘द ग्रेसफुल वेलफेयर सोसाइटी’ नामक संस्था हर रविवार को बिना किसी अनुमति के प्रार्थना सभा आयोजित करती आ रही थी। इस सभा में सैकड़ों लोग जुटते थे और देर रात तक लाउडस्पीकर के जरिए तेज आवाज़ की जाती थी, जिससे आसपास के ग्रामीण काफी परेशान थे। लंबे समय से जारी इस आयोजन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई।

ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन ने ली कार्रवाई

स्थानीय पंचायत के सरपंच सहित कई ग्रामीणों ने इस अवैध आयोजन के खिलाफ आवाज उठाई और रविवार को सभा स्थल पर जाकर आयोजन की वैध अनुमति मांगी। संस्था ने तीन दिन का समय मांगा। बाद में संस्था ने तीन साल पुराना एक परमिशन लेटर पेश किया, जो तत्कालीन एसडीएम द्वारा जारी था, लेकिन वह अब वैध नहीं माना गया।

ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत प्रशासन और सीतापुर थाना पुलिस से की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छह आरोपितों—फतेराम कुजूर, अमृत तिर्की, उमेश एक्का, अमर साय, अजीत कुजूर, एवं अमल साय—के खिलाफ धारा 170, 126, 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

कोर्ट में पेशी और जमानत

आरोपितों को उप तहसील राजापुर के तहसीलदार संजय सारथी की मौजूदगी में कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को मुचलका भरने पर जमानत दे दी। इसके बाद प्रार्थना सभा के आयोजन पर प्रशासन ने पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।

अवैध शेड और धार्मिक सभा का विरोध

गांव की पंच विजयमती ने बताया कि संस्था ने सभा के लिए एक शेड भी बना रखा था, जहां यह धार्मिक सभा अवैध रूप से संचालित हो रही थी। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि इस सभा में लोगों को ठीक करने का झांसा देकर धोखा दिया जाता था। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस अवैध धार्मिक सभा पर प्रतिबंध लगाया है।

प्रशासन का कहना

उप तहसील राजापुर के तहसीलदार संजय सारथी ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। प्रार्थना सभा के आयोजक बिना अनुमति के सभा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, “धर्म सभा के आयोजन की वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की गई, इसलिए इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।”सरगुजा के डांगबुड़ा में पिछले तीन वर्षों से चल रही अवैध प्रार्थना सभा के विरोध में ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए इसे बंद करा दिया। छह लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई है और भविष्य में बिना अनुमति किसी भी तरह की धार्मिक सभा आयोजित करने पर कड़ी कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया गया है। यह कदम ग्रामीणों की शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है।

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