Rahul Gandhi Gen Z: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर वोट चोरी और चुनाव आयोग को लेकर बड़ा हमला बोला है। 18 सितंबर को दिल्ली स्थित ‘इंदिरा भवन’ में आयोजित प्रेस वार्ता और उसके बाद एक्स (पूर्व ट्विटर) पर किए गए पोस्ट में उन्होंने देश के Gen-Z (युवा पीढ़ी) को लोकतंत्र का रक्षक बताते हुए दावा किया कि अब देश के छात्र और युवा संविधान को बचाने के लिए खड़े हो चुके हैं।
राहुल गांधी ने लिखा, “देश के Yuva, देश के Students, देश की Gen Z संविधान को बचाएंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे। मैं उनके साथ हमेशा खड़ा हूं। जय हिंद!”
राहुल गांधी ने सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे “लोकतंत्र की हत्या करने वालों और वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक CID के पास वोट चोरी के पर्याप्त सबूत हैं और चुनाव आयोग को अब “बहाने बनाना बंद” कर देना चाहिए। उनके मुताबिक, कांग्रेस समर्थकों के वोट जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, और इसमें तकनीकी रूप से गलत मोबाइल नंबरों और डेटा मैनेजमेंट का उपयोग हो रहा है।
https://x.com/RahulGandhi/status/1968670264234823929
राहुल गांधी के ‘Gen-Z बचाएंगे संविधान’ बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उनकी इस टिप्पणी को हाल ही में नेपाल में हुए Gen-Z आंदोलन से जोड़ा जा रहा है, जहां युवाओं के सोशल मीडिया बैन के खिलाफ आंदोलन ने राजनीतिक तख्तापलट का रूप ले लिया था। आंदोलन में 34 लोगों की मौत और हजारों घायल हुए, जिसके बाद नेपाल में अंतरिम सरकार बनी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि राहुल का यह दांव युवाओं को सीधे राजनीतिक बदलाव की धारा में लाने की कोशिश है, लेकिन साथ ही नेपाल के उदाहरण से जुड़ाव विपक्ष के लिए विवाद का कारण भी बन सकता है।
राहुल गांधी के बयानों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल पर आरोप लगाते हुए कहा कि, “यह सब कांग्रेस की वही पुरानी रणनीति है, जिसमें वे संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करते हैं।” उन्होंने इसे ‘झूठा विमर्श’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने पहले भी अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आरक्षण को लेकर झूठ फैलाया, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास फैलाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं और अब Gen-Z को भी राजनीतिक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
राहुल गांधी के ‘Gen-Z’ वाले बयान ने भारतीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर वह युवाओं को लोकतंत्र का पहरेदार बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक नौटंकी और भटकाव की रणनीति करार दे रहा है। आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या देश का Gen-Z वास्तव में संविधान बचाने की भूमिका में आता है या यह सिर्फ एक और राजनीतिक बयान बनकर रह जाता है।
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