अंबिकापुर @thetarget365 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा बिलासपुर में आयोजित क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की बैठक में सरगुजा अंचल में रेल सुविधाओं के व्यापक विस्तार के लिए अंबिकापुर रेणुकूट रेल लाइन निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई गई। अंबिकापुर को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए यह महत्वाकांक्षी, रेलवे के लिए बहु उपयोगी और लाभप्रद तथा यात्री सुविधा के लिए सर्वाधिक व्यावहारिक परियोजना है, जो रेलवे बोर्ड में विचाराधीन है।
राज्यसभा में अंबिकापुर रेणुकूट रेल लाइन की मांग रखते, तत्कालीन सांसद राम विचार नेताम
सरगुजा जिले के अंबिकापुर से प्रारंभ होकर यह रेल लाइन कमलपुर ग्राम (सिलफिली) होते हुए म्योरपुर रोड में रेणुकूट लाइन से जुड़ जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लंबाई 152 किलोमीटर है, जो 8217 करोड रुपए की लागत से बनाई जाएगी। इसका आर्थिक संकेतक, फाइनेंशियल इंटरनल रेट ऑफ़ रिटर्न (+5.51%) तथा इकोनॉमिकल इंटरनल रेट ऑफ़ रिटर्न तय मानक से बहुत अच्छा 19.50% है। कमलपुर ग्राम रेलवे स्टेशन के आगे पंडोनगर ग्राम से गोवर्धनपुर ग्राम तक यह लाइन सूरजपुर जिले में प्रस्तावित है। बलरामपुर जिले में यह परसडीहा से फूलीडूमर तक जाएगा, उसके बाद उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में धनवार से लेकर रनटोला तक इसका विस्तार होगा जहां यह म्योरपुर रोड स्टेशन में जुड़ जाएगा।
अंबिकापुर रेणुकूट रेल लाइन कमलपुर से म्योरपुर के बीच लगभग 70 ग्राम पंचायत से होकर गुजरेगी। इस प्रस्तावित रेल लाइन के समीप 32 कोल ब्लॉक हैं। बॉक्साइट परिवहन के लिए भी यह मार्ग उपयुक्त है साथ ही उत्तर छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण मजबूत उपनगरीय परिवहन नेटवर्क भी बनेगा। छत्तीसगढ़ को रेणुकूट के रास्ते वाराणसी से जोड़ने वाला यह मार्ग छत्तीसगढ़ की तरक्की के लिए नया अध्याय प्रारंभ करेगा।
प्रस्तावित रेल मार्ग में कमलपुर ग्राम और म्योरपुर के बीच छत्तीसगढ़ में सोनवाही, मजिरा, मदननगर, गोटगवां, प्रतापपुर, चंदौरा, पहाड़ करवा, रेवती, वाड्रफनगर, रूपपुर एवं उत्तर प्रदेश में इकदरी, घघरा, चांगा व म्योरपुर में रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। प्रस्तावित रेल मार्ग के 25 किलोमीटर के दायरे में आने वाली लगभग 5 लाख की आबादी को इस रेल मार्ग से आरामदेह और कम समय में यात्रा पूरा करने का सीधा लाभ मिलेगा। अंबिकापुर रेणुकूट रेल लाइन कम खर्च की, क्षेत्र की सबसे लाभकारी परियोजना है जो रेल लाइन निर्माण के लिए रेलवे द्वारा निर्धारित सभी मानकों पर खरी उतरती है। पिछड़े आदिवासी क्षेत्रों में इस रेल लाइन से सुविधा और विकास की नई यात्रा शुरू होगी। यह परियोजना उत्तर छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन को आसान बनाएगी और क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्श दात्री समिति की बैठक में दुर्ग सांसद विजय बघेल, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण आलोक तिवारी, प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक राहुल अग्रवाल, उप महाप्रबंधक समीर कांत माथुर, डीआरएम राजमल खोईवाल सहित महाराष्ट्र, उड़ीसा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सलाहकार सदस्य शामिल हुए।
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