Tibet Earthquake Today : तिब्बत में विनाशकारी भूकंप के बाद एक बार फिर धरती कांपने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 24 अक्टूबर की सुबह करीब 5:38 बजे भारतीय समयानुसार 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इससे पहले 22 अक्टूबर की रात उत्तरी तिब्बत में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। लगातार झटकों के बीच प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
7.0 तीव्रता के भूकंप ने मचाई भारी तबाही
22 अक्टूबर की रात करीब 10:33 बजे आए भूकंप का केंद्र चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में नागचू शहर के बाचेन काउंटी के आसपास बताया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसकी तीव्रता 7.0 दर्ज की और केंद्र की गहराई 18 किलोमीटर बताई। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, इस आपदा में 16 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। शुरुआती खबरों में घायलों की संख्या 65 बताई गई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में आंकड़ा बढ़कर 76 तक पहुंच गया।
12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
भूकंप के बाद प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान चलाया गया। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कई मकानों और पशुओं के लिए बने शेड को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं। बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद करने, नुकसान का आकलन करने और जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे रहे।
धर्मशाला में तिब्बती समुदाय ने की कैंडल लाइट प्रार्थना
तिब्बत में भूकंप के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित मैकलॉडगंज में तिब्बती यूथ कांग्रेस की ओर से कैंडल लाइट प्रार्थना सभा आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस दौरान मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। इस आयोजन के जरिए तिब्बती समुदाय ने आपदा से प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता दिखाई।
CCTV फुटेज में दिखी लोगों की जान बचाने की कोशिश
भूकंप के दौरान इमारतों में मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए तेजी से बाहर निकलते दिखाई दिए। सामने आए वीडियो फुटेज में लोगों को सुरक्षित जगहों की ओर भागते और कुछ स्थानों पर मलबा गिरते देखा गया। शक्तिशाली झटकों से मकानों को नुकसान पहुंचने के बाद प्रभावित परिवारों में भय का माहौल बन गया। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त इमारतों के आसपास सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की जरूरत पर जोर दिया।
413 आफ्टरशॉक्स ने बढ़ाई चिंता
चीन के भूकंप निगरानी केंद्र के अनुसार, मुख्य भूकंप के बाद क्षेत्र में 413 छोटे झटके दर्ज किए गए थे। आफ्टरशॉक्स यानी मुख्य भूकंप के बाद आने वाले झटके पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों को और कमजोर कर सकते हैं। ऐसे में राहत कार्यों में जुटे कर्मियों और स्थानीय लोगों के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
नागचू का भौगोलिक क्षेत्र क्यों है संवेदनशील?
नागचू उत्तरी तिब्बत का ऊंचाई पर स्थित क्षेत्र है और इसकी राजधानी ल्हासा से दूरी लगभग 400 किलोमीटर बताई जाती है। यहां आबादी अपेक्षाकृत कम है, लेकिन ऊंचाई, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ठंड के कारण राहत अभियान चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भूकंप के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय, भोजन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण बना हुआ है। लगातार झटकों के बीच प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नुकसान का आकलन करना है।
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