TMC Bank Account Case: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बैंक खातों के फ्रीज होने और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई का मामला अब और अधिक गंभीर होता जा रहा है। अब यह पूरा प्रकरण देश की सर्वोच्च अदालत, यानी सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुँचने वाला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और राज्य के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी कलकत्ता हाई कोर्ट के उस हालिया फैसले को चुनौती देगी, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उसके फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों के अस्थायी उपयोग की अनुमति दी गई है। बनर्जी ने कहा कि इस कानूनी लड़ाई में अब वे प्रवर्तन निदेशालय को भी आधिकारिक रूप से पक्षकार बनाएंगे, ताकि मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाई जा सके।

ऋतब्रत बनर्जी का तीखा हमला: ‘नए नटवरलाल’ पर गंभीर आरोप
पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऋतब्रत बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस पर कड़े प्रहार किए और इसे सीधे तौर पर ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ का बड़ा मामला बताया। उन्होंने टीएमसी पर तंज कसते हुए कहा, “इस ‘नए नटवरलाल’ को बहुत-बहुत बधाई।” उन्होंने आरोप लगाया कि असली नटवरलाल ने तो केवल ताजमहल बेचने का काल्पनिक कारनामा किया था, लेकिन यहाँ स्थिति कहीं अधिक गंभीर है। बनर्जी के अनुसार, पार्टी फंड से करीब 160 करोड़ रुपये खर्च करके एक विशेष कंपनी के माध्यम से संपत्ति खरीदी गई और फिर उसी कंपनी को पार्टी की ओर से मोटी रकम किराए के तौर पर दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह वित्तीय अनियमितताओं का एक स्पष्ट उदाहरण है।

टीएमसी का बचाव: बदले की राजनीति का आरोप
दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी के बैंक खातों में मौजूद लगभग 440.42 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज किए जाने की कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित करार दिया है। टीएमसी का स्पष्ट मानना है कि भारतीय जनता पार्टी आगामी चुनावों से पहले विपक्ष को कमजोर करने और बदनाम करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ एक साजिश बताया है और जोर देकर कहा है कि टीएमसी पूरी तरह से कानून का पालन करती है। उन्होंने इस कार्रवाई को केंद्र सरकार द्वारा अपनी सत्ता का इस्तेमाल कर राजनीतिक प्रतिशोध लेने का जरिया बताया है।
दल-बदल की सियासत: टीएमसी के दिग्गजों ने थामा भाजपा का दामन
इस गर्मागरम माहौल के बीच, पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल भी देखने को मिला। टीएमसी के तीन प्रमुख नेता—पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बड़ाइक और सुखेंदु शेखर रॉय—ने अपनी पुरानी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। साल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की उपस्थिति में ये नेता भगवा दल में शामिल हुए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएँ भिन्न हो सकती हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध हमेशा बने रहेंगे। उन्होंने सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर और प्रकाश को अपना मित्र, मार्गदर्शक और छोटे भाई के समान बताया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में हर व्यक्ति को अपनी राजनीतिक राह चुनने और स्वतंत्र निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है।












