Nellore road accident: आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है, जिसमें एक ही परिवार के सात सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा बुधवार, 17 सितंबर 2025 को संगम मंडल के पास हुआ, जब एक बालू (रेत) से लदा ट्रक तेज रफ्तार में विपरीत दिशा से आकर कार से टकरा गया।

हादसे में मौके पर ही सात लोगों की मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार में सवार सभी सात लोग नेल्लोर शहर के रहने वाले थे और आत्मकुर के सरकारी अस्पताल जा रहे थे, जहां वे अपने रिश्तेदारों से मिलने वाले थे। लेकिन सफर के दौरान अचानक सामने से आ रहे भारी ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि कार के परखच्चे उड़ गए और सभी यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों में एक किशोर भी शामिल
इस हादसे में मृतकों में एक 15 वर्षीय बच्चा भी शामिल है, जो इस दुखद घटना में सबसे कम उम्र का पीड़ित था। परिवार के सभी सदस्यों की एक साथ मौत से स्थानीय लोग और रिश्तेदार सदमे में हैं।
हादसे के बाद फरार हुआ ट्रक चालक
हादसे के तुरंत बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय चश्मदीदों की मदद से ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसे की वजह ट्रक की तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है, लेकिन विस्तृत जांच जारी है।
मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने जताया गहरा शोक
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने इस दर्दनाक घटना पर शोक जताते हुए कहा: “नेल्लोर में हुए हादसे ने मुझे अत्यंत व्यथित किया है। मैं पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करें और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करें।”
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस भीषण हादसे के बाद एक बार फिर से तेज रफ्तार वाहनों, ओवरलोडिंग और सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रकों की नियमित जांच, स्पीड लिमिट के सख्त पालन और ड्राइवरों के लिए प्रशिक्षण व लाइसेंस प्रक्रिया को कड़ा करने की ज़रूरत है।
नेल्लोर की यह दुर्घटना एक बार फिर साबित करती है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी किस तरह पूरा परिवार तबाह कर सकती है। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन इस ओर कठोर कदम उठाए, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके और निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके।










