US Iran Relations : मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच करीब दो महीने पहले हुआ सीजफायर अब पूरी तरह टूट चुका है, जिससे युद्ध की आग एक बार फिर भड़क उठी है। अमेरिकी सेना ने आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरान के खिलाफ लगातार दूसरे दिन भी बड़े सैन्य अभियान को अंजाम दिया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सटे रणनीतिक इलाकों—मिनाब, केशम द्वीप और इस्फ़हान पर भीषण एयरस्ट्राइक की है। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

इस्फ़हान पर सबसे घातक प्रहार
इस पूरे सैन्य एक्शन में अमेरिका ने ईरान के इस्फ़हान शहर पर अब तक का सबसे विनाशकारी हमला किया है। इस्फ़हान को ईरान का सबसे महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल और मिलिट्री हब माना जाता है, जहां उसके कई परमाणु और सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इस हमले के जरिए अमेरिका ने ईरान की रीढ़ की हड्डी पर चोट करने की कोशिश की है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान की युद्ध लड़ने की क्षमता को शुरुआती दौर में ही पंगु बनाना है।

ईरान का काउंटर अटैक
अमेरिकी बमबारी के बाद ईरान ने भी खामोश रहने के बजाय बेहद आक्रामक पलटवार किया है। ईरान की सेना और उसके समर्थित गुटों ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस को अपना निशाना बनाया। इस जवाबी कार्रवाई में बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें और ड्रोन दागे गए, जिससे वहां भयंकर तबाही मची है। ईरान के इस काउंटर अटैक ने यह साफ कर दिया है कि वह इस जंग में घुटने टेकने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खतरनाक ऐलान
इन बिगड़ते हालातों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला और खतरनाक ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि अमेरिका आज रात ईरान पर और भी जबरदस्त हमला करने जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नेवी, एयरफोर्स, रडार और एंटी-एयरक्राफ्ट डिफेंस सिस्टम लगभग पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। ट्रंप ने आगे कहा कि आने वाले समय में अमेरिकी सेना ईरान के प्रसिद्ध ‘खार्ग द्वीप’ और उसके तेल से जुड़े दूसरे बुनियादी ढांचों पर पूरी तरह कब्जा कर लेगी।
वेनेजुएला जैसा प्लान
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने खतरनाक प्लान का खुलासा करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के तेल और गैस मार्केट पर पूरी तरह अपना नियंत्रण स्थापित करेगा। उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से करते हुए कहा कि ठीक वैसे ही कदम उठाए जाएंगे जैसे वेनेजुएला के मामले में किए गए हैं, जो अमेरिका और वेनेजुएला दोनों के आर्थिक हितों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका अब ईरान को आर्थिक रूप से पूरी तरह से अपनी मुट्ठी में करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
होर्मूज स्ट्रेट पूरी तरह बंद
अमेरिका के साथ सीधी जंग छिड़ते ही ईरान ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई लाइन ‘होर्मूज स्ट्रेट’ को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा कर दी है। ईरान ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी देश का व्यावसायिक या सैन्य जहाज यहां से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे तुरंत समुद्र में डुबो दिया जाएगा। ईरान की इस धमकी के बाद वैश्विक बाजार में हाहाकार मच गया है और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें उछलकर 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। पूरा मिडिल ईस्ट इस वक्त हाई अलर्ट पर है।
क्यों भड़की दोबारा जंग
इस भीषण युद्ध के दोबारा शुरू होने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़ी वजहें सामने आ रही हैं। पहली वजह हाल ही में ईरान द्वारा एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर को मार गिराया जाना है। वहीं दूसरी बड़ी वजह दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे चल रही सीक्रेट डील का फेल होना है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को एक समझौता प्रस्ताव भेजा था और वे दो हफ्ते से ईरान के जवाब का इंतजार कर रहे थे। ईरान की ढुलमुल नीति से परेशान होकर ट्रंप ने दबाव बनाने के लिए अचानक इस बड़े हमले का आदेश दे दिया।
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