Trump Epstein files
Trump Epstein files: वाशिंगटन से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने अमेरिकी राजनीति और न्याय प्रणाली में हड़कंप मचा दिया है। जेफरी एपस्टीन सेक्स ट्रैफिकिंग मामले से जुड़ी फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद अब यह गंभीर आशंका जताई जा रही है कि अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई प्रभावशाली हस्तियों के नाम वाले दस्तावेजों को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किया है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब न्याय विभाग ने खुद इसकी जांच शुरू कर दी है कि क्या रिकॉर्ड जारी करते समय कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्यों को ‘अनुचित’ रूप से रोका गया था। कई अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठनों ने दावा किया है कि ट्रंप के खिलाफ एक महिला द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े रिकॉर्ड उन फाइलों में शामिल नहीं थे, जिन्हें पिछले दिनों जारी किया गया था।
बुधवार को एक आधिकारिक घोषणा में स्वीकार किया गया कि विभाग द्वारा जारी किए गए लाखों पन्नों के रिकॉर्ड में उन साक्षात्कारों (इंटरव्यू) के सारांश गायब हैं, जो एफबीआई ने 2019 में एक अज्ञात महिला के साथ किए थे। उस अज्ञात महिला ने दावा किया था कि 1980 के दशक में, जब वह नाबालिग थी, तब डोनाल्ड ट्रंप और जेफरी एपस्टीन ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। न्याय विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि वे वर्तमान में उन फाइलों की समीक्षा कर रहे हैं, जिन्हें समाचार संगठनों और व्यक्तियों द्वारा ‘गायब’ बताया गया है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि यदि कोई दस्तावेज संघीय कानून के तहत जारी करने योग्य पाया गया, तो उसे निश्चित रूप से प्रकाशित किया जाएगा।
घिस्लेन मैक्सवेल, जो जेफरी एपस्टीन की प्रेमिका और लंबे समय तक उसकी सहयोगी रही थी, वर्तमान में यौन तस्करी के मामले में 20 साल की सजा काट रही है। उसी के आपराधिक मामले की खोजबीन के दौरान ये दस्तावेज सामने आए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफबीआई ने ट्रंप के खिलाफ आरोप लगाने वाली महिला से चार बार पूछताछ की थी ताकि उसके दावों की सत्यता की जांच की जा सके। हालांकि, सार्वजनिक की गई फाइलों में केवल एक साक्षात्कार का संक्षिप्त विवरण ही मौजूद है। न्यूयॉर्क टाइम्स, सीएनएन और एनपीआर जैसे मीडिया संस्थानों ने इन गायब रिकॉर्ड्स को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद प्रशासन बचाव की मुद्रा में है।
पिछले महीने न्याय विभाग ने घोषणा की थी कि वह एपस्टीन से संबंधित 30 लाख से अधिक पृष्ठों के रिकॉर्ड जारी कर रहा है। विभाग का कहना था कि वह पूरी पारदर्शिता चाहता है, लेकिन पीड़ितों की गोपनीयता और चल रही जांच के कारण कुछ हिस्सों को ‘रिडैक्ट’ (छिपाना) किया गया है। हाउस ओवरसाइट कमिटी के शीर्ष डेमोक्रेट प्रतिनिधि रॉबर्ट गार्सिया ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि विभाग ने एफबीआई साक्षात्कारों को ‘अवैध’ रूप से रोका हुआ प्रतीत होता है। दूसरी ओर, एपस्टीन के वकीलों का आरोप है कि रिडैक्शन प्रक्रिया इतनी लापरवाह थी कि उससे लगभग 100 पीड़ितों की पहचान और निजी जानकारी उजागर हो गई, जिससे उनकी जिंदगी खतरे में पड़ गई है।
इस पूरे विवाद पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस ने अपना रुख सख्त रखा है। उन्होंने एपस्टीन के साथ किसी भी प्रकार के गलत काम या संबंधों से लगातार इनकार किया है। न्याय विभाग ने भी पहले कहा था कि ट्रंप के खिलाफ कुछ दावे ‘सनसनीखेज और झूठे’ हैं, जो 2020 के चुनावों से ठीक पहले एफबीआई को दिए गए थे। विभाग के मुताबिक, इन दावों में कोई विश्वसनीयता नहीं है और इन्हें केवल राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है। फरवरी 2026 की यह घटना अमेरिकी लोकतंत्र में पारदर्शिता और न्यायपालिका की निष्पक्षता पर एक बड़ी बहस छेड़ चुकी है।
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