Trump Russia Sanctions : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को प्रतिबंधों से व्यापक छूट देने के अपने फैसले का बचाव करते हुए इसे अमेरिका और दुनिया के हित में बताया है। इस कदम को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं की आलोचना के बीच ट्रंप ने कहा कि लोगों को अभी उनके फैसले के वास्तविक मायने समझ नहीं आए हैं। शनिवार शाम मियामी स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि समय के साथ लोग इस निर्णय को समझेंगे। ट्रंप के मुताबिक, यह फैसला अमेरिका के लिए अच्छा साबित होगा और इसका सकारात्मक असर दुनिया पर भी पड़ सकता है।
ग्राहम अधिनियम के तहत रूस को मिली बड़ी राहत
ट्रंप प्रशासन के आदेश के तहत रूस के खिलाफ प्रस्तावित प्रतिबंधों में छूट दी गई है। यह कदम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ को लेकर चर्चा के बीच उठाया गया है। आदेश में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले चीन तथा भारत सहित पांच बड़े देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने के प्रावधान से भी छूट दी गई है। आदेश के मुताबिक, यह राहत तब तक जारी रह सकती है, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री संबंधित अधिकारियों से परामर्श करने के बाद आगे की कार्रवाई को उचित नहीं मानते। इस फैसले ने रूस के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक दबाव की नीति पर सवाल खड़े किए हैं।
रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सांसदों ने फैसले का विरोध किया
रूस को प्रतिबंधों से राहत देने के फैसले की अमेरिका में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने आलोचना की है। खास बात यह है कि रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सांसदों ने पिछले महीने मिलकर रूस और ईरान के खिलाफ सख्त प्रतिबंधों से संबंधित विधेयक को भारी बहुमत से पारित किया था। सीनेट में यह विधेयक 86 के मुकाबले 11 मतों से पारित हुआ था। ऐसे में राष्ट्रपति के हालिया आदेश ने कानून के उद्देश्य और प्रशासन की नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। आलोचकों का कहना है कि रूस पर दबाव बनाए रखना यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
लिंडसे ग्राहम की बहन डार्लिन ने भी जताई नाराजगी
दक्षिण कैरोलाइना की रिपब्लिकन सांसद डार्लिन ग्राहम ने भी ट्रंप के फैसले पर असहमति जताई। यह कानून उनके दिवंगत भाई लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने इसे आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। डार्लिन ग्राहम ने कहा कि वह युद्ध समाप्त कराने और ईंधन की कीमतें कम करने के लिए रूस पर दबाव बनाने का विकल्प चुनतीं। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूस पर अविश्वास जताते हुए संकेत दिया कि प्रतिबंधों में राहत देना सही रास्ता नहीं है।
थॉम टिलिस ने ट्रंप प्रशासन को बताया गैर-जिम्मेदार
उत्तरी कैरोलाइना के रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति के फैसले को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि सीनेट में भारी बहुमत से पारित कानून को लागू करने की आवश्यकता राष्ट्रपति और उनके सलाहकारों को क्यों नहीं समझ आती। टिलिस ने आरोप लगाया कि प्रशासन यूक्रेन पर हमला करने वाले रूसी राष्ट्रपति के सामने झुक रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ट्रंप ऊर्जा की कीमतें कम करना चाहते हैं, तो उन्हें ईंधन की कीमतों पर असर डालने वाले कारकों, खासकर ईरान के साथ जारी युद्ध, पर ध्यान देना चाहिए।
जॉन कॉर्निन बोले, लिंडसे ग्राहम इस फैसले से नाराज होते
टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन ने भी ट्रंप के निर्णय पर निराशा जताई। उन्होंने दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम का उल्लेख करते हुए कहा कि वह इस फैसले से बेहद नाराज होते। ग्राहम ने अपनी मृत्यु से पहले रूस और ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों से जुड़े विधेयक को पारित कराने के लिए लगातार प्रयास किए थे। अब राष्ट्रपति के आदेश के बाद अमेरिका में यह बहस तेज हो गई है कि रूस पर आर्थिक दबाव बनाए रखना अधिक प्रभावी होगा या प्रतिबंधों में छूट देकर ऊर्जा बाजार को राहत देने की कोशिश की जानी चाहिए।
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