US Military Operation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बड़े सैन्य अभियान का दावा करते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना ने कैरिबियन सागर में ड्रग्स की तस्करी करने वाली एक पनडुब्बी (Submarine) को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने शनिवार (18 अक्तूबर 2025) को अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर यह घोषणा करते हुए दावा किया कि यह पनडुब्बी फेंटेनाइल (Fentanyl) और अन्य खतरनाक ड्रग्स से भरी हुई थी और अमेरिका की ओर बढ़ रही थी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस अभियान को गौरवपूर्ण बताते हुए कहा, “एक बहुत बड़ी ड्रग ले जाने वाली पनडुब्बी को तबाह करना मेरे लिए गर्व की बात है। अगर मैंने इस पनडुब्बी को आने दिया होता तो कम से कम 25 हजार अमेरिकन मारे जाते।”
ट्रंप ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में: दो आतंकवादी मारे गए।दो लोगों को जीवित पकड़ा गया और उन्हें इक्वाडोर तथा कोलंबिया वापस भेजा जा रहा है।कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो (Gustavo Petro) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुष्टि की कि उनके देश के नागरिक को जीवित वापस भेजा गया है और उस पर कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जाएगा। हालांकि, इक्वाडोर की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यह घटना सितंबर 2025 से शुरू हुए अमेरिकी सैन्य अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लैटिन अमेरिका से अमेरिका में ड्रग्स की आपूर्ति को रोकना है। अमेरिकी सेना अब तक कैरिबियन सागर में छह जहाजों को निशाना बना चुकी है।
हालांकि, इस ऑपरेशन में हुई मौतों पर अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन: विशेषज्ञों का कहना है कि बिना स्पष्ट सबूत और न्यायिक प्रक्रिया के संदिग्धों को सीधे मार गिराना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जा सकता है।
सुरक्षा विश्लेषक ने कहा कि भले ही ये व्यक्ति ड्रग तस्कर थे, उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए थी, न कि समुद्र में मार गिराया जाना। अमेरिका ने अभी तक यह सबूत नहीं दिया है कि मारे गए सभी लोग वाकई में ड्रग तस्कर थे।
अमेरिकी प्रशासन ने पनडुब्बी के प्रस्थान बिंदु का खुलासा नहीं किया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह संभवतः कोलंबिया या वेनेज़ुएला के गुप्त शिपयार्ड से रवाना हुई थी। ये अर्ध-पनडुब्बियां (Semi-Submarine) अक्सर जंगलों में हाथ से तैयार की जाती हैं और रडार की पकड़ से बचने में सक्षम होती हैं।
ट्रंप प्रशासन फेंटेनाइल को एक राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा मानता है। यह अत्यंत शक्तिशाली सिंथेटिक ड्रग अमेरिका में ओवरडोज़ से होने वाली मौतों की एक नई महामारी बन चुका है, जिसके चलते प्रशासन ड्रग तस्करों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की सैन्य नीति अपना रहा है।
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