Uddhav-Raj Thackeray Rally: मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में रविवार को शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने संयुक्त रैली आयोजित की। इस कार्यक्रम में दोनों दलों के प्रमुख नेताओं ने बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों को संबोधित किया। रैली के दौरान पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। इसके साथ ही NEET परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मंच पर नजर आए और दोनों नेताओं ने छात्र आंदोलनों तथा युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे।

छात्रों के संघर्ष को बताया ऐतिहासिक
रैली में बोलते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं ने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने मुद्दों को शांतिपूर्ण ढंग से उठाकर यह संदेश दिया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की भागीदारी बेहद अहम है। उन्होंने उन छात्रों को भी याद किया जिन्होंने परीक्षा विवाद के दौरान अपनी जान गंवाई और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

राज ठाकरे ने Gen Z की भूमिका पर दिया बयान
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा कि हाल के छात्र आंदोलन ने यह दिखाया है कि नई पीढ़ी यानी Gen Z अपनी आवाज प्रभावी ढंग से उठा सकती है। उनके अनुसार, युवाओं ने संगठित होकर अपनी मांगों को सामने रखा और लोकतांत्रिक माध्यम से अपनी बात देश के सामने पहुंचाई। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी भविष्य की राजनीति और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।
उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में केंद्र सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पर अधिक ध्यान देने के बजाय शासन व्यवस्था को जनहित के कार्यों पर केंद्रित होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि परीक्षा विवाद में प्रभावित हुए छात्रों और उनके परिवारों का दर्द भुलाया नहीं जा सकता।
मौन रखकर छात्रों को दी गई श्रद्धांजलि
रैली के दौरान राज ठाकरे ने उन छात्रों को श्रद्धांजलि देने का आह्वान किया जिन्होंने कथित परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या कर ली थी। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरे मैदान में शांत वातावरण रहा और उपस्थित लोगों ने मृतक छात्रों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बदला राजनीतिक माहौल
हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस्तीफे के बाद सरकार और छात्र आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद छात्र संगठनों ने अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की। इस घटनाक्रम के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी और कई स्थानों पर समर्थकों ने अलग-अलग तरीके से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
जंतर-मंतर पर दिखा उत्सव जैसा माहौल
सरकार द्वारा छात्रों की मांगों पर सहमति जताने और आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा लहराकर, देशभक्ति के गीतों पर नृत्य कर और एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी खुशी व्यक्त की। कुछ दिन पहले तक जहां प्रदर्शन, तनाव और पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आ रही थीं, वहीं अब उसी स्थान पर शांतिपूर्ण माहौल और उत्सव का दृश्य देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया और छात्र एकजुटता को इस पूरे आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।
Read More : Dharmendra Pradhan Reel Controversy : धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ अभद्र वीडियो, MP इन्फ्लुएंसर पर FIR दर्ज











