Maharashtra Politics
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में जारी हलचल के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उदित राज ने एक विवादित और तीखा बयान दिया है। दिवंगत नेता अजीत पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार द्वारा उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारियों को लेकर उदित राज ने अपनी गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में शोक की एक गरिमा होती है, लेकिन सत्ता की भूख ने सभी सामाजिक रीति-रिवाजों को हाशिए पर धकेल दिया है। उदित राज का यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में नेतृत्व परिवर्तन और राजनीतिक उत्तराधिकार को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
शनिवार को मीडिया से बात करते हुए उदित राज ने परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि जब किसी परिवार या समाज में किसी बड़े व्यक्तित्व की मृत्यु होती है, तो कम से कम 12 से 13 दिनों तक कोई भी मांगलिक या सार्वजनिक कार्य नहीं किया जाता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हमारे देश में लोग 13 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलते और यहां उपमुख्यमंत्री पद की शपथ की तैयारियां चल रही हैं।” उदित राज के अनुसार, सत्ता ऐसी चीज बन गई है जो मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों पर भारी पड़ रही है। उन्होंने इसे एक “बड़ा विरोधाभास” करार दिया कि शोक की घड़ी में भी शक्ति प्रदर्शन और पद की शपथ को प्राथमिकता दी जा रही है।
उदित राज ने केवल महाराष्ट्र सरकार ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी घेरे में लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के पुराने बयानों की याद दिलाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने खुद अजीत पवार पर 70 हजार करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। उदित राज ने सवाल किया कि क्या वे आरोप अब भी कायम हैं या फिर भाजपा को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए उन आरोपों पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा कि भ्रष्टाचार की वह ‘वॉशिंग मशीन’ अब कैसे काम कर रही है, जहाँ गंभीर आरोपों के बावजूद परिवार के सदस्यों को सत्ता के शीर्ष पदों से नवाजा जा रहा है।
अजीत पवार के निधन के पीछे के कारणों पर चर्चा करते हुए कांग्रेस नेता ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारत की राजनीति, विशेषकर महाराष्ट्र की राजनीति के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने इस पूरे विमान हादसे को संदेहास्पद बताते हुए कहा कि इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके। उदित राज ने जोर देकर कहा कि ऐसे बड़े नेताओं की सुरक्षा और अचानक हुए हादसों के पीछे की कड़ियों को जोड़ना बेहद जरूरी है।
सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण को उदित राज ने पूरी तरह से एक “राजनीतिक कदम” करार दिया। उन्होंने कहा कि इसके पीछे निश्चित रूप से कोई गहरी राजनीतिक रणनीति छिपी है। उन्होंने इस बात पर भी जिज्ञासा जताई कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी इस घटनाक्रम को किस तरह देखती है और आने वाले समय में उनकी दिशा क्या होगी। उदित राज ने अंत में व्यंग्यात्मक लहजे में अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे ठीक से पदभार संभालें, लेकिन समाज हमेशा याद रखेगा कि परंपराओं की बलि कैसे दी गई।
उदित राज के इन बयानों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहाँ कानूनी और संवैधानिक रूप से शपथ ग्रहण में कोई बाधा नहीं है, वहीं दूसरी तरफ ‘नैतिकता’ और ‘सामाजिक मर्यादा’ के नाम पर विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सत्ता पक्ष इन आरोपों का क्या जवाब देता है।
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