UGC-NET Paper Leak Row: देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। NEET-UG परीक्षा के विवाद के कुछ ही सप्ताह बाद, अब UGC-NET जून 2026 की समाजशास्त्र (Sociology) परीक्षा के पेपर लीक होने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों के अनुसार, परीक्षा से पहले 100 पन्नों की एक PDF फाइल वायरल हुई थी, जिसमें मौजूद करीब 90 प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र से हुबहू मेल खाते हैं। इस खुलासे ने लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शिक्षा मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं, हालांकि NTA की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

2.25 लाख रुपये में पेपर का सौदा और गिरोह का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कथित प्रश्नपत्र बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में सक्रिय एक संगठित गिरोह द्वारा 2.25 लाख रुपये में बेचा जा रहा था। यह दावा परीक्षा प्रणाली में सेंधमारी के गहरे नेटवर्क की ओर इशारा करता है। सूत्रों का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय ने NTA से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस बीच, परीक्षा से जुड़ी सुरक्षा और गोपनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परीक्षार्थियों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न पहले से ही लीक हो गए थे, तो परीक्षा की निष्पक्षता पूरी तरह समाप्त हो जाती है।

राहुल गांधी का हमला: “सरकार विश्वसनीयता बनाए रखने में पूरी तरह विफल”
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर एक रिपोर्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि NTA के गोपनीय डेटाबेस से जुड़ी 100 पन्नों की PDF परीक्षा से पहले ही लीक हो गई थी। राहुल गांधी ने दावा किया कि यही गिरोह आगामी CSIR-NET, HTET और ADA जैसी परीक्षाओं के पेपर भी लीक करने का दावा कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लाखों छात्रों की मेहनत का सम्मान करने में विफल रही है। राहुल गांधी के अनुसार, बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से यह स्पष्ट है कि परीक्षा प्रणाली का तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने छात्रों से एकजुट होकर बदलाव के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया है।
NEET-UG के बाद शिक्षा प्रणाली पर बढ़ा संकट
यह मामला ऐसे समय पर आया है जब देश NEET-UG परीक्षा के विवाद से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेपर लीक के आरोपों के बाद NEET परीक्षा को रद्द करना पड़ा था, जिसके बाद जांच CBI को सौंपी गई और कई गिरफ्तारियां भी हुईं। पुनः आयोजित NEET-UG परीक्षा, जो 21 जून को संपन्न हुई, उसे छात्रों ने काफी कठिन बताया था। अब UGC-NET मामले ने छात्रों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। सरकार के लिए इन परीक्षाओं की पवित्रता बहाल करना एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि छात्रों का भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर उनका भरोसा दोनों ही खतरे में हैं।
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