Ujjain Crime News : मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। इंगोरिया थाना क्षेत्र के ग्राम खरसौद खुर्द में बिजली बिल की बकाया राशि वसूलने और विद्युत कनेक्शन की जांच करने पहुंची बिजली विभाग की टीम पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि बकाया बिल जमा करने की बात सुनते ही किसान और उसके परिवार के सदस्यों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में बिजली विभाग के वरिष्ठ परीक्षण सहायक ईश्वर भिलाला गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है।

बकाया बिजली बिल मांगने पर भड़का किसान
जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे बड़नगर संभाग के खरसौद खुर्द वितरण केंद्र में पदस्थ वरिष्ठ परीक्षण सहायक ईश्वर भिलाला अपने सहकर्मियों कचरू गारी, घनश्याम गारी और अनिल के साथ क्षेत्र में विद्युत कनेक्शनों की जांच और बकाया बिलों की वसूली के लिए निकले थे। इसी दौरान टीम किसान श्याम पंड्या के खेत स्थित मकान पर पहुंची। यहां अस्थायी कृषि विद्युत कनेक्शन के बकाया बिल और टीसी की जांच की जानी थी।

स्टार्टर जब्त करने की बात पर शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि बिजली विभाग की टीम ने किसान से बकाया राशि जमा करने का अनुरोध किया। इस पर किसान कथित तौर पर नाराज हो गया और कर्मचारियों को वहां से चले जाने की धमकी देने लगा। देखते ही देखते बातचीत विवाद में बदल गई। जब बिजली कर्मचारियों ने नियमों के अनुसार स्टार्टर जब्त करने और विद्युत कनेक्शन काटने की कार्रवाई की बात कही, तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि किसान ने जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए वरिष्ठ परीक्षण सहायक ईश्वर भिलाला के साथ मारपीट शुरू कर दी।
पिता-पुत्र ने कर्मचारियों को लाठी-डंडों से पीटा
आरोप है कि इसी दौरान किसान का बेटा अर्जुन पंड्या भी मौके पर पहुंच गया। इसके बाद पिता और बेटे ने मिलकर बिजली विभाग के कर्मचारियों पर हमला कर दिया। कर्मचारियों को कथित तौर पर जमीन पर पटककर, घसीटकर लाठी-डंडों, मुक्कों और लोहे की रॉड से पीटा गया। वायरल वीडियो में परिवार की कुछ महिलाएं भी विवाद में शामिल दिखाई दे रही हैं। हमले में ईश्वर भिलाला की आंख, सिर और कंधे पर गंभीर चोटें आई हैं। उनके अन्य साथियों के साथ भी मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई है।
चार घंटे तक थाने में FIR के लिए इंतजार
घटना के बाद घायल कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर इंगोरिया पुलिस थाने पहुंचे। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की और उन्हें करीब चार घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया। कर्मचारियों ने इसके पीछे राजनीतिक दबाव होने की आशंका भी जताई है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से ऐसी किसी बात की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

बिजली विभाग के अधिकारियों के पहुंचने के बाद दर्ज हुआ केस
जब घटना की जानकारी बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मिली, तो सहायक अभियंता सौरभ गोस्वामी सहित बड़नगर संभाग के अधिकारी और कर्मचारी थाने पहुंच गए। विभागीय कर्मचारियों ने कार्रवाई में देरी को लेकर विरोध जताया और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। इसके बाद रात करीब 8:15 बजे पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया।
आठ धाराओं में मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी
इंगोरिया थाना पुलिस ने किसान श्याम पंड्या और उसके बेटे अर्जुन पंड्या के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न आठ धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है, ताकि मारपीट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। परिवार की महिलाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी विभागों के उन कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो बकाया वसूली, बिजली कनेक्शन की जांच और सरकारी नियमों के पालन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जाते हैं। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में वायरल वीडियो से क्या नए तथ्य सामने आते हैं और आरोपियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है।

