Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे विनाशकारी संघर्ष को चार वर्षों से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन युद्ध की विभीषिका थमने का नाम नहीं ले रही है। दोनों देशों के बीच लगातार जारी सैन्य टकराव और बमबारी ने न केवल सैनिकों बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी भारी तबाही के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। इसी अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण दौर में यूक्रेन की राजनीति में एक बड़ा बदलाव हुआ है। सेरही कोरेत्स्की को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। वे यूलिया स्विरीडेंको का स्थान लेंगे, जिन्होंने जुलाई 2025 से जुलाई 2026 तक इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को बखूबी संभाला था।

ऊर्जा विशेषज्ञ से प्रधानमंत्री तक का सफर
सेरही कोरेत्स्की की नियुक्ति यूक्रेन की राजनीति में एक अनूठा उदाहरण है। वे पारंपरिक राजनीतिक गलियारों, संसद या प्रशासनिक सेवा से नहीं आए हैं। कोरेत्स्की का बैकग्राउंड इंजीनियरिंग और बिजनेस मैनेजमेंट का रहा है। उन्होंने यूक्रेन की सरकारी ऊर्जा कंपनी ‘नेफ्तोगाज’ के प्रमुख के रूप में अपनी धाक जमाई थी। उन्हें संकट के समय एक कुशल और प्रभावी प्रबंधक के रूप में जाना जाता है। कोरेत्स्की ने अपने करियर में न केवल ईंधन बल्कि खाद्य उद्योगों में भी कई घाटे में चल रहे सरकारी उपक्रमों को पुनर्जीवित करके उन्हें मुनाफे में तब्दील किया है। उनकी यह कार्यकुशलता ही उन्हें इस कठिन समय में नेतृत्व के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बनाती है।

कोरेत्स्की के सामने मौजूद विकट चुनौतियां
नए प्रधानमंत्री के रूप में सेरही कोरेत्स्की के सामने केवल आर्थिक सुधार ही नहीं, बल्कि युद्ध की चुनौतियों का सामना करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उन्हें केवल कारोबारी सूझबूझ ही नहीं, बल्कि जटिल कूटनीति और राजनीतिक दांव-पेच में भी दक्षता दिखानी होगी। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कोरेत्स्की को मुख्य रूप से आने वाली भीषण सर्दियों के दौरान देश के बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने और ऊर्जा संकट को दूर करने का कठिन कार्य सौंपा है। यूक्रेन की संसद में उनके पक्ष में 289 वोट पड़े, जो उनकी नियुक्ति के लिए व्यापक समर्थन को दर्शाता है। देश इस समय भारी वित्तीय कमी और रूसी हमलों के लगातार बढ़ते दबाव से जूझ रहा है।
युद्ध के दौरान यूक्रेन में नेतृत्व परिवर्तन
रूस के साथ जारी इस भीषण संघर्ष में सेरही कोरेत्स्की यूक्रेन के तीसरे प्रधानमंत्री हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की का मानना है कि कोरेत्स्की की प्रबंधकीय क्षमताएं सर्दियों के कठिन महीनों में युद्धग्रस्त यूक्रेन को संभालने के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं। इससे पूर्व, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को उनके पद से बर्खास्त कर दिया था, जिसके बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन भी देखे गए थे। हाल ही में रूस द्वारा कीव समेत कई शहरों पर किए गए मिसाइल हमलों में 21 लोगों की जान चली गई और करीब 80 लोग घायल हो गए। ऐसी विकट स्थिति में कोरेत्स्की का नेतृत्व यूक्रेन के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होगा। क्या कोरेत्स्की अपनी तकनीकी और प्रबंधकीय विशेषज्ञता से यूक्रेन को इस युद्धकाल की मुश्किलों से बाहर निकाल पाएंगे, यह समय ही बताएगा।
Read More : Korba News: शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप, CISF के SI पर FIR दर्ज












