Uri Mine Blast: जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के करीब मंगलवार को एक माइन धमाके की घटना सामने आई, जिसमें भारतीय सेना के दो जवान घायल हो गए। यह हादसा उरी सेक्टर के कमलकोट सब-सेक्टर में हुआ। घटना के बाद सेना ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया और घायल जवानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

अपर गढ़ फॉरवर्ड पोस्ट के पास हुआ विस्फोट
जानकारी के अनुसार, यह धमाका कमलकोट सब-सेक्टर में 12 इन्फैंट्री ब्रिगेड के अंतर्गत तैनात 8 राष्ट्रीय राइफल्स (8 RR) की अपर गढ़ फॉरवर्ड पोस्ट के पास हुआ। यह क्षेत्र उरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जवान नियमित ड्यूटी और निगरानी गतिविधियों के दौरान इस हादसे का शिकार हुए।

दो जवान गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में इलाज जारी
माइन धमाके में घायल हुए दोनों जवानों को तत्काल घटनास्थल से बाहर निकाला गया। सेना ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयरलिफ्ट किया। इसके बाद उन्हें श्रीनगर स्थित बादामीबाग सेना बेस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।सेना अधिकारियों के अनुसार, घायल जवानों की पहचान दफादार विजय कुमार और नायक शरणपा अंगारी के रूप में हुई है। दफादार विजय कुमार की उम्र 42 वर्ष है, जबकि नायक शरणपा अंगारी 28 साल के हैं। दोनों जवान 8 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट में तैनात हैं और सीमा सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दे रहे हैं।
धमाके के कारणों की जांच में जुटी सेना
अधिकारियों ने बताया कि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। सेना यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमाका किसी पुराने बारूदी सुरंग की वजह से हुआ या किसी अन्य तकनीकी कारण से यह घटना हुई।LoC के आसपास का इलाका सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां सेना के जवान लगातार घुसपैठ रोकने, सीमा की निगरानी करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहते हैं। ऐसे इलाकों में कई स्थानों पर सुरक्षा कारणों से माइन और अन्य रक्षा उपकरण लगाए जाते हैं।
सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ी
घटना के बाद संबंधित इलाकों में सुरक्षा बलों ने सतर्कता बढ़ा दी है। सेना की ओर से पूरे क्षेत्र की जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जवानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और घायल सैनिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
LoC पर तैनात जवानों की चुनौतीपूर्ण ड्यूटी
जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में तैनात सेना के जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं। उरी सेक्टर जैसे क्षेत्रों में दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, मौसम की चुनौतियों और सुरक्षा जोखिमों के बीच सैनिक लगातार निगरानी करते हैं।माइन धमाके की यह घटना एक बार फिर सीमा क्षेत्रों में जवानों के सामने मौजूद जोखिमों को उजागर करती है। फिलहाल दोनों घायल जवानों का उपचार जारी है और सेना की ओर से उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।











