US China Trade War: अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि उनकी सरकार चीन के साथ खाने के तेल (Edible Oil) से जुड़े व्यापार को पूरी तरह से खत्म करने पर विचार कर रही है। ट्रंप ने चीन द्वारा अमेरिकी सोयाबीन की खरीद बंद करने और रेयर अर्थ मिनरल्स पर नियंत्रण लगाने को अमेरिका पर ‘आर्थिक हमला’ करार दिया है।
ट्रंप की नई धमकी
डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के हालिया व्यापारिक फैसलों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। चीन, जो अमेरिकी सोयाबीन का सबसे बड़ा खरीदार रहा है, ने जवाबी टैरिफ के कारण अब दक्षिण अमेरिका से सोयाबीन खरीदना शुरू कर दिया है। इससे अमेरिकी किसानों के लिए बड़ा संकट खड़ा हो गया है।इस पर ट्रंप ने कहा, “चीन के रेयर अर्थ, सोयाबीन समेत अन्य प्रतिबंधों को सीधे तौर पर अमेरिका पर आर्थिक हमला जैसा है। हम बदले की कार्रवाई के तौर पर चीन के साथ कुकिंग ऑयल और व्यापार के अन्य पहलुओं को समाप्त करने पर विचार कर रहे हैं।”ट्रंप की यह धमकी पिछले हफ्ते चीन द्वारा हाई-टेक उत्पादों के निर्माण के लिए आवश्यक रेयर अर्थ मिनरल्स के निर्यात पर नियंत्रण कड़े करने के बाद आई है। चीन के इस कदम से नाराज होकर ट्रंप ने बीजिंग पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का भी ऐलान कर दिया था।
चीन का स्पष्ट जवाब: ‘ट्रेड वॉर से कोई विजेता नहीं’
ट्रंप की धमकी के जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय ने शांति की अपील की है, लेकिन साथ ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, “ट्रेड वॉर से कोई विजेता नहीं बनता।”
उन्होंने आगे कहा, “दोनों पक्षों को समानता, सम्मान और पारस्परिक लाभ के आधार पर बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान करना चाहिए। चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर चीन की स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है।”चीन ने अपने नेताओं की हालिया नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि रेयर अर्थ मिनरल्स पर नियंत्रण “विश्व शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी” हैं।
व्यापारिक आंकड़ों पर असर
यह व्यापारिक खींचतान दोनों देशों के किसानों और उद्योगों को प्रभावित कर रही है। पिछले साल अमेरिका ने लगभग 24.5 अरब डॉलर मूल्य का सोयाबीन निर्यात किया था, जिसमें से चीन की हिस्सेदारी लगभग 12.5 अरब डॉलर की थी। मई महीने में अमेरिका द्वारा चीनी आयात पर टैरिफ लगाए जाने के बाद चीन ने सोयाबीन की खरीद बंद कर दी, जिससे अमेरिकी किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया।
इस बढ़ते व्यापार युद्ध ने वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं सीधे टकराव की ओर बढ़ रही हैं।
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