US Iran War
US Iran War: पश्चिम एशिया के रणक्षेत्र में जारी भीषण सैन्य संघर्ष अब एक निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार, 10 मार्च 2026 को दुनिया की दो महाशक्तियों, अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग ने सैन्य तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा से यह सनसनीखेज एलान किया कि ईरान के खिलाफ छेड़ा गया युद्ध अब समाप्ति के करीब है और अमेरिका अपनी ‘अंतिम जीत’ की ओर बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए अमेरिकी नौसेना को सीधे युद्ध के मैदान में उतरने की चुनौती दे डाली है। दोनों देशों के बीच बढ़ती यह तल्खी संकेत दे रही है कि वैश्विक शांति अभी कोसों दूर है।
ईरान की शक्तिशाली सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने अमेरिकी नौसेना के सबसे आधुनिक विमान वाहक पोत ‘जेराल्ड आर फोर्ड’ को सीधे तौर पर निशाना बनाने की धमकी दी है। IRGC के प्रवक्ता मेजर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने बयान जारी कर कहा कि ईरानी सशस्त्र बल हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी बेड़े का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नैनी ने तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप के दावे खोखले हैं और अमेरिकी जहाज ईरान की मिसाइलों और घातक ड्रोनों के खौफ से रणक्षेत्र छोड़कर भाग खड़े हुए हैं। उनके अनुसार, अमेरिकी सेना वर्तमान में ईरान की मुख्य सीमा से 1,000 किलोमीटर से भी अधिक की दूरी पर छिपकर तैनात है।
ईरान ने इस बार दुनिया की ‘आर्थिक रग’ माने जाने वाले समुद्री तेल मार्गों को लेकर अब तक की सबसे खौफनाक चेतावनी दी है। मेजर जनरल नैनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अमेरिका और इजरायल के हमले नहीं रुके, तो ईरान इस पूरे क्षेत्र से होने वाले तेल निर्यात को पूरी तरह ठप कर देगा। ईरान की योजना केवल हॉर्मुज ही नहीं, बल्कि बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को भी बंद करने की है। यदि ऐसा होता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति रुक जाएगी और दुनिया ‘तेल की एक बूंद’ के लिए तरस जाएगी। यह चेतावनी सीधे तौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था को घुटनों पर लाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा दिखाई देती है।
दूसरी तरफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने आक्रामक रुख पर कायम हैं। फ्लोरिडा के डोराल में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के 5,000 से अधिक सामरिक ठिकानों को सफलतापूर्वक नेस्तनाबूद कर दिया है। ट्रंप ने इस अभियान को ‘बुराई के खात्मे की यात्रा’ करार देते हुए कहा कि अमेरिका अपने निर्धारित सैन्य लक्ष्यों से काफी आगे चल रहा है। उन्होंने संकल्प जताया कि वे ईरान से मिलने वाले दशकों पुराने खतरे को हमेशा के लिए समाप्त कर देंगे और यह युद्ध अब अपने अंतिम पड़ाव पर है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की रिपोर्ट के अनुसार, इस समय मिडिल ईस्ट के समुद्री क्षेत्र में अमेरिका के दो सबसे शक्तिशाली विमान वाहक स्ट्राइक समूह तैनात हैं। ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ अरब सागर में अपनी स्थिति मजबूत किए हुए है, जबकि ‘यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड’ लाल सागर में मौजूद है। जहां व्हाइट हाउस इस तैनाती को अपनी जीत का आधार मानकर युद्ध समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, वहीं तेहरान का अड़ियल रुख यह साफ कर रहा है कि वह किसी भी समझौते या आत्मसमर्पण के मूड में नहीं है। ईरान का कहना है कि युद्ध कब शुरू होगा यह अमेरिका ने तय किया था, लेकिन यह खत्म कब होगा, इसका फैसला अब ईरान करेगा।
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