US Midterm Election 2026 : अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बहस अब एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदलती जा रही है। एक तरफ टेक कंपनियां AI की मदद से कामकाज तेज करने और लागत घटाने का दावा कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ आम लोगों में नौकरियां खत्म होने, बिजली की खपत बढ़ने और पानी के संकट को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। इसका असर अमेरिकी राजनीति पर भी दिखाई देने लगा है। 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद AI कंपनियों और डेटा सेंटर परियोजनाओं पर सरकारी नियंत्रण बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
AI के नाम पर 1.21 लाख नौकरियों में कटौती
आउटप्लेसमेंट कंपनी चैलेंजर, ग्रे एंड क्रिसमस की 5 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच अमेरिकी कंपनियों ने 1,21,401 नौकरियों में कटौती की घोषणा की और इसकी वजह AI को बताया। यह कुल 6,17,189 घोषित छंटनियों का लगभग 20 प्रतिशत है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में AI के कारण 1,265 नौकरियां कम करने की घोषणा हुई। इससे पहले 2023 में 4,247, 2024 में 12,742 और 2025 में 54,836 नौकरियों की कटौती AI से जोड़ी गई थी। 2023 से अक्टूबर 2026 तक यह आंकड़ा 1,93,226 तक पहुंच गया। हालांकि, कंपनियों द्वारा AI को वजह बताने का अर्थ यह नहीं है कि हर कर्मचारी की जगह वास्तव में AI ने ली है।

डेटा सेंटर क्यों बन गए अमेरिकी चुनाव का बड़ा मुद्दा?
AI तकनीक को संचालित करने के लिए बड़े-बड़े डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इनमें हजारों सर्वर लगातार काम करते हैं, जिन्हें चलाने और ठंडा रखने के लिए भारी मात्रा में बिजली और पानी की जरूरत होती है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि इन परियोजनाओं से बिजली बिल बढ़ेंगे, जल संसाधनों पर दबाव पड़ेगा और पर्यावरण को नुकसान होगा।
हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू की 5 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 21 चुनावी मुकाबलों में डेटा सेंटर निर्माण को रोकने या सीमित करने के समर्थन में लगभग 9 करोड़ डॉलर के विज्ञापन खर्च किए गए। एक सर्वे में करीब दो-तिहाई अमेरिकी वयस्कों ने AI की विकास गति को बहुत तेज बताया, जबकि लगभग तीन-चौथाई ने अपने इलाके में डेटा सेंटर का विरोध किया।

टेक्सास, जॉर्जिया और ओहायो में बदल सकते हैं नियम
चुनाव में टेक्सास, जॉर्जिया और ओहायो जैसे राज्यों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की जीत ने डेटा सेंटर उद्योग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। टेक्सास में जीना हिनोजोसा ने ग्रेग एबॉट को हराया। उन्होंने स्थानीय लोगों की सहमति और उन्हें मिलने वाले फायदे को परियोजनाओं की मंजूरी से जोड़ने की बात कही थी।जॉर्जिया में कीशा लांस बॉटम्स ने पर्यावरण और बिजली दरों की समीक्षा होने तक डेटा सेंटर परियोजनाओं पर रोक का समर्थन किया। वहीं, ओहायो की एमी एक्टन ने कंपनियों से बिजली-पानी का पूरा खर्च वसूलने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही।
डेटा सेंटर परियोजनाओं पर 45 प्रतिशत तक असर की आशंका
रॉयटर्स के अनुसार, गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि राज्य और स्थानीय स्तर पर अस्थायी रोक लगने से अमेरिका में प्रस्तावित डेटा सेंटर क्षमता विस्तार की लगभग 45 प्रतिशत परियोजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। यह अनुमान है, रद्द हो चुकी परियोजनाओं का आंकड़ा नहीं।चुनावी नतीजों के बाद Core Scientific के शेयर 11.6 प्रतिशत और IREN के शेयर 12.5 प्रतिशत गिर गए। निवेशकों को आशंका है कि सरकारी मंजूरियों में देरी से AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश धीमा पड़ सकता है।
क्या अमेरिका में AI पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा?
डेमोक्रेट्स की जीत का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका में AI तकनीक पर प्रतिबंध लग जाएगा। राज्य सरकारें डेटा सेंटर के निर्माण, पर्यावरण, बिजली-पानी और टैक्स छूट से जुड़े नियम सख्त कर सकती हैं। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप AI उद्योग के समर्थक हैं और चीन के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अमेरिका को आगे रखना चाहते हैं। ऐसे में आने वाले समय में असली लड़ाई AI को रोकने की नहीं, बल्कि उसके विस्तार की शर्तें तय करने की होगी। कंपनियों को यह बताना पड़ सकता है कि उनकी परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को कितना फायदा होगा और बिजली-पानी की बढ़ती लागत का बोझ आखिर कौन उठाएगा।

