Tiger Shroff Firing Case : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। इस केस के मुख्य आरोपी फूल सिंह ने अदालत में खुद को नाबालिग बताते हुए आवेदन दाखिल किया है। आरोपी का दावा है कि जिस समय अभिनेता से जुड़े फायरिंग की घटना हुई थी, उस वक्त उसकी उम्र 18 साल से कम थी। फूल सिंह की इस दलील के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया ने नया मोड़ ले लिया है।
आरोपी की ओर से दाखिल आवेदन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उसकी वास्तविक उम्र का पता लगाने के लिए जांच कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात के समय आरोपी बालिग था या नाबालिग।

अदालत में फूल सिंह ने क्या दावा किया?
सुनवाई के दौरान फूल सिंह ने अदालत के सामने अपनी उम्र को लेकर महत्वपूर्ण दलील पेश की। उसने कहा कि घटना के समय उसकी उम्र 18 वर्ष पूरी नहीं हुई थी। इसके बावजूद उसके खिलाफ सामान्य कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। आरोपी ने अपनी उम्र की जांच कराए जाने की मांग करते हुए अदालत में आवेदन दिया।

फूल सिंह ने अपनी दलील में यह भी आरोप लगाया कि उसे अपने वकील से बातचीत करने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसी वजह से वह पहले अदालत के सामने अपनी उम्र से संबंधित बात नहीं रख सका। उसका कहना है कि यदि उसे अपने अधिवक्ता से बातचीत करने का अवसर मिलता, तो वह पहले ही खुद को नाबालिग होने की जानकारी अदालत को दे सकता था।
वकील से बातचीत की अनुमति नहीं मिलने का आरोप
आरोपी ने अदालत को बताया कि कानूनी सहायता और अपने पक्ष को रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के कारण वह पहले अपनी उम्र से जुड़ा आवेदन दाखिल नहीं कर पाया। अब उसने औपचारिक रूप से अदालत से अनुरोध किया है कि उसकी उम्र की पुष्टि के लिए जरूरी जांच कराई जाए।

इस दलील के बाद अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उम्र की जांच कराने का निर्देश दिया। हालांकि, फूल सिंह के नाबालिग होने का दावा अभी साबित नहीं हुआ है। उसकी वास्तविक उम्र का फैसला जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों और अन्य तथ्यों के आधार पर ही होगा।
15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देने का आदेश
फूल सिंह के आवेदन पर सुनवाई के बाद अदालत ने संबंधित अधिकारियों को उसकी उम्र की जांच पूरी करने के लिए 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित की है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल कर रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करें।
इस जांच में आरोपी की जन्मतिथि और उम्र से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। रिपोर्ट आने के बाद अदालत यह तय कर सकेगी कि घटना के समय फूल सिंह की उम्र कितनी थी।
नाबालिग साबित होने पर बदल सकती है कानूनी प्रक्रिया
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि फूल सिंह वारदात के समय बालिग था या नाबालिग। यदि जांच में उसका दावा सही साबित होता है, तो उसके खिलाफ लागू होने वाली कानूनी प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है। किशोर न्याय कानून के तहत नाबालिग आरोपियों के मामलों में अलग प्रावधान लागू होते हैं।वहीं, यदि जांच में फूल सिंह की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सामान्य आपराधिक न्याय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी रह सकती है।
फिलहाल अदालत की ओर से उम्र की जांच का आदेश दिया जा चुका है। अब सभी की नजरें 15 दिनों के भीतर आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। इसी रिपोर्ट से टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में आरोपी की उम्र और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

