US-Russia News
US-Russia News: अटलांटिक महासागर के गहरे पानी में इस समय दुनिया की दो महाशक्तियों, अमेरिका और रूस के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। अमेरिका द्वारा रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर ‘मरीनेरा’ (मैरिनेरा) को जब्त किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उबाल आ गया है। इस घटना ने शीत युद्ध की यादें ताजा कर दी हैं और रूसी नेतृत्व ने अब खुलेआम अमेरिका को विनाशकारी परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी के वरिष्ठ सांसद और रक्षा मामलों की स्टेट समिति के उपाध्यक्ष, एलेक्सी जुरावलेव ने इस घटना पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की इस ‘समुद्री डकैती’ का जवाब केवल सैन्य तरीके से ही दिया जा सकता है। जुरावलेव ने रूसी नौसेना से अपील की है कि वे टॉरपीडो का इस्तेमाल करें और मरीनेरा टैंकर को पकड़ने वाले अमेरिकी कोस्ट गार्ड के जहाजों को समुद्र में डुबा दें। उनके अनुसार, बल प्रयोग ही अमेरिका को रोकने का एकमात्र तरीका है।
सांसद एलेक्सी जुरावलेव ने रूस के सैन्य सिद्धांत का हवाला देते हुए परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की बात कही है। उन्होंने तर्क दिया कि जिस टैंकर पर रूस का राष्ट्रीय ध्वज लगा है, उसे जब्त करना रूसी क्षेत्र पर सीधे हमले के समान है। जुरावलेव ने कहा, “हमारी सैन्य नीति स्पष्ट है कि राष्ट्र के अस्तित्व या महत्वपूर्ण हितों पर चोट होने पर हम परमाणु हथियारों का उपयोग कर सकते हैं।” उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी कि रूस के सब्र का इम्तिहान न लिया जाए और इस ‘डकैती’ का जवाब तुरंत और कठोरता से दिया जाएगा।
रूसी सांसद ने दावा किया कि मरीनेरा टैंकर के आसपास रूसी पनडुब्बियां और युद्धपोत पहले से ही मौजूद थे। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में अपने विशेष अभियान के बाद अमेरिका मनमानी करने के नशे में डूबा हुआ है। अमेरिका के मुताबिक, उसने कैरेबियन सागर में वेनेजुएला और ईरान से जुड़े प्रतिबंधित तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें से एक टैंकर ‘मरीनेरा’ था, जो कथित तौर पर अमेरिकी कोस्ट गार्ड को चकमा देकर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अंततः उसे पकड़ लिया गया।
अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए टैंकर (जिसे बेला-1 भी कहा जाता है) के चालक दल (क्रू) के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि यह जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन कर प्रतिबंधित तेल का परिवहन कर रहा था। पाम बॉन्डी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जहाज के कर्मियों ने इसे बचाने के लिए अवैध हथकंडे अपनाए, जिसके लिए उन्हें कानून का सामना करना होगा।
इधर, रूस के विदेश मंत्रालय ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने की बात कही है। रूस ने अमेरिका से सख्त मांग की है कि टैंकर पर सवार रूसी नागरिकों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और उनके अधिकारों का सम्मान हो। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि रूसी नागरिकों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और उन्हें जल्द से जल्द वापस घर भेजा जाना चाहिए। अटलांटिक में बढ़ते इस तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर संकट के बादल मँडरा दिए हैं।
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