US Sanctions Russia: अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट (Rosneft) और लुकोइल (Lukoil) पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य रूस की युद्ध वित्तपोषण क्षमता को कमजोर करना और उसकी अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालना है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि रूस को अब “हत्याएं रोककर युद्ध समाप्त” करना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से तत्काल युद्धविराम की अपील करते हुए कहा“राष्ट्रपति पुतिन द्वारा इस निरर्थक युद्ध को समाप्त करने से इनकार करने के मद्देनज़र, वित्त मंत्रालय रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगा रहा है, जो क्रेमलिन की युद्ध मशीन को वित्तपोषित करती हैं।”
बेसेंट ने आगे कहा कि वित्त मंत्रालय, राष्ट्रपति ट्रंप के “एक और युद्ध को खत्म करने के प्रयासों” का समर्थन जारी रखेगा और यदि आवश्यक हुआ तो और कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने सहयोगी देशों से भी इस कदम में अमेरिका का साथ देने की अपील की।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, इन प्रतिबंधों के तहत रोसनेफ्ट और लुकोइल की अमेरिका स्थित सभी संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी। इसके साथ ही, अमेरिकी नागरिकों को इन कंपनियों या उनसे जुड़ी किसी भी इकाई के साथ वित्तीय लेनदेन करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इन प्रतिबंधों का प्रभाव केवल मुख्य कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। जिन कंपनियों में रोसनेफ्ट या लुकोइल की 50% या उससे अधिक हिस्सेदारी है, वे भी स्वचालित रूप से प्रतिबंधों के दायरे में आएंगी चाहे उन्हें OFAC (Office of Foreign Assets Control) की सूची में शामिल किया गया हो या नहीं।
OFAC के नियमों के तहत, कोई भी अमेरिकी व्यक्ति या संस्था इन प्रतिबंधित कंपनियों के साथ लेनदेन नहीं कर सकेगी, जब तक कि इसके लिए कोई विशेष लाइसेंस न दिया जाए।
अमेरिकी सरकार ने चेतावनी दी है कि जो विदेशी वित्तीय संस्थान जानबूझकर इन प्रतिबंधित रूसी कंपनियों के साथ व्यापारिक या वित्तीय संबंध बनाए रखेंगे, उन्हें द्वितीयक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
रोसनेफ्ट रूस की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी है, जो कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पादों के खोज, उत्पादन और निर्यात में सक्रिय है। वहीं लुकोइल रूस की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी मानी जाती है, जिसका संचालन यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व तक फैला है।
अमेरिकी कार्रवाई में दोनों कंपनियों की कई रूसी सहायक इकाइयों को भी शामिल किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम रूस की ऊर्जा आय पर सीधा प्रहार करेगा, जिससे क्रेमलिन की युद्ध नीति पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
इन प्रतिबंधों के साथ अमेरिका ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए हर संभव आर्थिक और कूटनीतिक कदम उठाने के लिए तैयार है।
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