Stock Market Crash : भारतीय शेयर बाजार में आज 23 जून को कारोबार की शुरुआत काफी सुस्त रही। बीएसई (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 181 अंकों की गिरावट के साथ 76,912.68 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि एनएसई (NSE) का निफ्टी भी 47.60 अंकों की गिरावट के साथ 21,405.30 के स्तर पर फिसल गया। बाजार की इस कमजोरी के पीछे प्रमुख कारण अमेरिकी बाजार का नकारात्मक रुख और टेक शेयरों में आई भारी बिकवाली है। घरेलू बाजार में टीसीएस (TCS), इंफोसिस, एचसीएल टेक और विप्रो जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में 1 से 2 फीसदी तक की गिरावट देखी जा रही है, जो निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर रही है।

बाजार में गिरावट के मुख्य वैश्विक कारण
बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं। वॉल स्ट्रीट में गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट में 5% और एलन मस्क की स्पेसएक्स (SpaceX) में 16.4% तक की ऐतिहासिक गिरावट का सीधा असर भारतीय टेक स्टॉक्स पर पड़ रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर का 13 महीने के उच्चतम स्तर (101.2) पर पहुंचना और अमेरिकी 2-साल की ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड का 16 महीने के रिकॉर्ड स्तर के करीब होना विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार से पैसा निकालकर अमेरिकी सुरक्षित बॉन्ड में निवेश करने के लिए प्रेरित कर रहा है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के संकेत मिलने से भी वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल है।

एशियाई बाजारों का मिला-जुला हाल
आज एशियाई बाजारों से भी उत्साहजनक संकेत नहीं मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी सेक्टर की कमजोरी और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं के कारण एशियाई निवेशक फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.9% गिरकर 71,681.29 पर कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा 2.8% की भारी गिरावट दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में देखी जा रही है, जो सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसे दिग्गजों में कमजोरी के कारण 8,863.52 पर आ गया है। वहीं, हांगकांग के हैंगसेंग में 0.4% की गिरावट है, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 मामूली 0.1% की बढ़त के साथ संभला हुआ है।
अमेरिकी बाजार और क्रूड ऑयल की स्थिति
कल अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला रुख था। टेक और एआई (AI) शेयरों में भारी बिकवाली के चलते नैस्डैक (Nasdaq) 1.32% गिरकर 26,166.60 पर बंद हुआ। इसके विपरीत, इंडस्ट्रियल और हेल्थकेयर सेक्टर में मजबूती के कारण डाऊ जोन्स 0.29% चढ़कर 51,712.71 पर रहा। दूसरी ओर, क्रूड ऑयल की कीमतों में मामूली रिकवरी दिखी है। अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद कल आई 3% की गिरावट के बाद आज ब्रेंट क्रूड 0.38% बढ़कर 78.15 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 0.46% उछलकर 74.19 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
डॉलर की मजबूती और भारतीय रुपये पर दबाव
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 13 महीने के उच्च स्तर 101.02 पर ट्रेड कर रहा है, जिसका सीधा असर अन्य मुद्राओं पर पड़ रहा है। भारतीय रुपये की बात करें तो यह डॉलर की मजबूती के चलते दबाव में है और 94.69 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। सोमवार को रुपया 34 पैसे टूटकर 94.67 पर बंद हुआ था। कुल मिलाकर, वैश्विक स्तर पर मौद्रिक सख्ती और टेक सेक्टर में अनिश्चितता ने भारतीय बाजार को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है। निवेशक अब फेडरल रिजर्व के अगले कदमों और वैश्विक मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा पर नजर टिकाए हुए हैं।










