US Troops Iraq Withdrawal : अमेरिका ने इराक में अपनी सैन्य मौजूदगी के एक लंबे अध्याय को समाप्त कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि इराक में तैनात आखिरी अमेरिकी सैनिक भी देश से वापस लौट रहे हैं। इस घोषणा के साथ इराक में अमेरिकी सैन्य मिशन के एक महत्वपूर्ण चरण का अंत हो गया है। ट्रंप ने इसे अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि वहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का यह दौर अब इतिहास का हिस्सा बनने जा रहा है।
ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व हुआ समाप्त
अमेरिकी सेना ने 30 सितंबर को इराक में चलाए जा रहे ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व (Operation Inherent Resolve) मिशन के समाप्त होने की पुष्टि की। यह अभियान मुख्य रूप से इस्लामिक स्टेट यानी ISIS के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और इराकी सुरक्षा बलों को सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। सितंबर 2026 में इस मिशन को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया और इसके तहत तैनात अमेरिकी सैनिकों की वापसी शुरू हुई।
ISIS के खिलाफ लंबे समय तक चला अभियान
ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व अमेरिका के नेतृत्व में ISIS के खिलाफ चलाए गए अंतरराष्ट्रीय सैन्य प्रयास का प्रमुख हिस्सा रहा। इस अभियान के दौरान अमेरिकी सेना ने इराक में आतंकवादी संगठन के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ स्थानीय सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने में भी भूमिका निभाई। समय के साथ इराक में अमेरिकी सैन्य भूमिका और सैनिकों की संख्या में बदलाव होता रहा, लेकिन अब इस मिशन का औपचारिक समापन कर दिया गया है।
2024 के अमेरिका-इराक समझौते के तहत वापसी
अमेरिकी सैनिकों की इराक से वापसी अचानक लिया गया फैसला नहीं है। यह कदम अमेरिका और इराक के बीच 2024 में हुए समझौते के तहत उठाया गया है। इस समझौते के अनुसार इराक में अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य मिशन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की प्रक्रिया तय की गई थी। इसी योजना के तहत अमेरिकी सैनिकों की वापसी आगे बढ़ी और सितंबर 2026 में ऑपरेशन का औपचारिक अंत हुआ।
ट्रंप ने बताया अमेरिका के लिए महान दिन
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर अमेरिकी सैनिकों की वापसी की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना की आखिरी टुकड़ी भी इराक छोड़ रही है। ट्रंप ने इसे अमेरिका के लिए एक महान दिन बताया और इराक में लंबे समय तक चली अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को लेकर अपनी टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि पिछले दौर में कई ऐसे फैसले लिए गए, जिन्हें वह गलत मानते हैं और जिनके कारण अमेरिका इस स्थिति तक पहुंचा।
इराक के नए प्रधानमंत्री का भी किया जिक्र
अपने संदेश में ट्रंप ने इराक के नए प्रधानमंत्री अली अल-जैदी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह शुरुआत से ही अल-जैदी के समर्थन में रहे हैं और सार्वजनिक रूप से उनके समर्थन की घोषणा करते आए हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अल-जैदी ने ऐसे चुनाव में जीत हासिल की, जहां शुरुआत में उनकी जीत की उम्मीद नहीं की जा रही थी। उन्होंने उनकी जीत को भारी बहुमत वाली जीत के तौर पर पेश किया।
अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के नए दौर की शुरुआत
इराक से अंतिम अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ वहां अमेरिका की सैन्य भूमिका के स्वरूप में बड़ा बदलाव आया है। ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व का औपचारिक समापन ISIS के खिलाफ अमेरिकी नेतृत्व वाले अभियान के एक महत्वपूर्ण चरण के अंत को दर्शाता है। हालांकि, इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका और इराक के बीच सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर सहयोग किस रूप में आगे बढ़ता है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा।
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