US Ukraine Relations : अमेरिका और यूक्रेन के बीच रिश्तों में एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया फैसलों और बयानों ने दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। रूस पर प्रतिबंधों में राहत, रूसी डीजल ईंधन आयात से जुड़ा समझौता और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को लेकर की गई टिप्पणी ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। वहीं, यूक्रेन के ड्रोन अभियानों में इस्तेमाल होने वाली अमेरिकी सैटेलाइट सेवा पर प्रतिबंधों ने कीव की सैन्य क्षमता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जॉन हर्बस्ट ने ट्रंप की रूस नीति पर उठाए सवाल
अटलांटिक काउंसिल के विशेषज्ञ और यूक्रेन में अमेरिका के पूर्व राजदूत जॉन हर्बस्ट ने मौजूदा हालात को अमेरिका की रूस और यूक्रेन नीति के लिए बेहद खराब बताया है। उनके अनुसार, ट्रंप के कुछ फैसले ऐसे दिखाई दे रहे हैं, जिनसे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रणनीतिक लाभ मिल सकता है। हर्बस्ट का मानना है कि इन कदमों से यूक्रेन के प्रति अमेरिकी समर्थन को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है। हालांकि, उन्होंने यह संभावना भी जताई कि ट्रंप भविष्य में अपना रुख बदल सकते हैं।
जेलेंस्की के साथ ट्रंप के रिश्तों में पहले भी आया तनाव
ट्रंप और जेलेंस्की के बीच संबंध पहले भी कई बार चर्चा में रहे हैं। पिछले साल व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हुई मुलाकात के दौरान ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति की आलोचना की थी। उन्होंने समझौते की दिशा में आगे बढ़ने या अमेरिकी समर्थन खोने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद वॉशिंगटन ने कुछ समय के लिए यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना रोक दिया था। हालांकि, उसी साल जुलाई में ट्रंप ने दावा किया था कि दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध विकसित हुए हैं। मौजूदा घटनाक्रम ने एक बार फिर इस संबंध की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रूस पर प्रतिबंधों में राहत से बढ़ी राजनीतिक बहस
रूस के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर ट्रंप के हालिया फैसले ने भी विवाद पैदा किया है। शुक्रवार को उन्होंने उस कानून के तहत प्रतिबंधों में छूट देने का निर्णय लिया, जिसे अमेरिकी कांग्रेस ने यूक्रेन के समर्थन में भारी बहुमत से पारित किया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस कानून का उद्देश्य रूस के युद्ध को आर्थिक सहायता देने वाले वित्तीय संसाधनों पर रोक लगाना था। ऐसे में प्रतिबंधों में राहत देने के कदम को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि इसका रूस की अर्थव्यवस्था और यूक्रेन के समर्थन पर क्या असर पड़ेगा।
रूसी डीजल आयात समझौते पर भी उठे सवाल
ट्रंप ने रूस से डीजल ईंधन आयात करने के समझौते की घोषणा भी की थी। इसका उद्देश्य ईंधन की बढ़ती कीमतों को कम करना बताया गया। हालांकि, अमेरिकी रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दलों के नेताओं ने इस कदम की आलोचना की। आलोचकों का तर्क है कि इससे रूस को आर्थिक लाभ मिल सकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों पर इसका प्रभाव सीमित रहने की आशंका है।
अमेरिकी सैटेलाइट सेवाओं पर पाबंदी से यूक्रेन की चिंता बढ़ी
यूक्रेन के ड्रोन अभियानों में इस्तेमाल होने वाली अमेरिकी सैटेलाइट सेवा पर पाबंदियों ने सैन्य सहयोग को लेकर नई चिंताएं पैदा की हैं। आधुनिक युद्ध में सैटेलाइट संचार और तकनीकी सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन सेवाओं की उपलब्धता प्रभावित होने से यूक्रेन की कुछ सैन्य गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है। कुल मिलाकर, ट्रंप के फैसलों ने अमेरिका-यूक्रेन संबंधों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। अब यह देखना अहम होगा कि वॉशिंगटन आगे यूक्रेन को समर्थन देने और रूस के साथ अपने संबंधों को लेकर क्या रणनीति अपनाता है।
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